मेरी मदद कीजिए, फिजा से बात करवा दीजिए… वह मर जाएगी

( अनुराग शुक्ला )रीवा ( अनुराग दर्शन समाचार )। मैं जानता हूँ, मेरे बगैर वह रह नहीं सकती। उसने खुदकुशी की कोशिश भी की है। मेँ भी उसके बगैर जिंदा नहीं रहूंगा। यदि फिजा के साथ कुछ गलत हुआ तो मैं खुद को गोली मार लूंगा। मेरी मदद कीजिए, फिजा से मेरी बात करवा दीजिए… वह मर जाएगी। यह कहना है कराची (पाकिस्तान) से दिलशाद खान का। दिलशाद और रीवा की स्कूल शिक्षक फिजा (24) की दोस्ती फेसबुक से शुरु हुई। बालकोट एयर-स्ट्राइक पर दोनों के बीच झगड़े से इनके रिश्ते की शुरुआत हुई, जो बाद में प्यार हो गया। दिलशाद से मिलने फिजा 23 जून को मध्यप्रदेश से सीधे अटारी सीमा पहुंच गई और जिद करने लगी कि उसे कराची जाने दिया जाए। उसके पास वीसा भी था और जरूरी दस्तोवद भी, मगर चैक-पोस्ट से उसे जाने नहीं दिया गया। दरअसल, फिजा के माता-पिता ने उसके गुमशुदा होने की रिपोर्ट थाने में लिखवा दी थी, इस वजह से उसे रोक दिया गया, जबकि वह बालिग हे और मर्जी से कहीं भी आ-जा सकती है। पुलिस को अचरज है कि फिजा ने कैसे पाकिस्तान का वीसा हासिल कर लिया। पुलिस को इस कहानी पर इसलिए भी शक है कि रीवा से अटारी सीमा तक फिजा आखिर अकेली कैसे आ गई। उधर, दिलशाद कह रहा है कि पाकिस्तान में रहने की वजह से अगर फिजा के परिवार को परेशानी है, तो हम दुबई जाने को भी तैयार हैं। हमने तो प्यार किया है, यह हमारा दोष नहीं है कि पड़ोसी देश आपस में भरोसा नहीं रख रहे। फिजा का परिवार इस बारे में मुंह खोलने को भी तैयार नहीं है। पुलिस के अनुसार 13 जून को फिजा स्कूल गई थी और फिर गायब हो गई और 23 जून को अटारी सीमा पर नजर आई। दिलशाद का कहना है कि फिजा की पल-पल की खबर थी कि भोपाल कब पहुंची और वहां से सीमा कैसे आई। अब उसका फोन कवरेज क्षेत्र से बाहर बता रहा है। क्या भारतीय का किसी पाकिस्तानी से प्यार… अपराध है? दिलशाद पूछ रहा है। वैसे, दिलशाद नहीं चाहता था कि फिजा इस तरह घर दोड़ कर निकले। उसे उम्मीद थी कि घरवाले बात मान जाएंगे और शादी हो जाएगी, मगर फिजा को यकीन नहीं था। मैं पाकिस्तान में 45 हजार रुपए महीना कमाता हूँ और फिजा को अच्छे से देखाभाल कर सकता हूँ। दिलशाद कहता है कि लाहौर में दो दिन तक फिजा के लिए रुका रहा, न खना खाया, न पानी पिया। बस, एक बार मेरी उससे बात हो जाए यही गुजारिश है। फिजा के परिवार ने दिलशाद का नम्बर ब्लॉक कर दिया है।



