आस्था के पर्व कुंभ के सनातनी परम्परा को बिगाड़ना चाहती हैं भाजपा सरकारें-नरेन्द्र सिंह

प्रयागराज। समाजवादी नेता नरेन्द्र सिंह ने आज सनातन धर्मावलंबियों एवं आध्यात्मिक विचारकों के मध्य अगले महीने लगने वाले आस्था के पर्व पर सरकार द्वारा किए जा रहे गैरपरम्परा, अनीतिगत एवं अव्यवहारिक आचरण एवं घोषणाओं पर प्रतिक्रिया ब्यक्त किये।उन्होने कहा कि प्रयागराज के दौरे पर आए भारत के प्रधानमंत्री ने आगामी महीने मे होने वाले पर्व को अपने सम्बोधन मे एक,दो नही छ: बार अर्धकुम्भ कह कर सम्बोधित किया।
जबकि प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी जी इसे कुम्भ बता रहे हैं। देश का प्रधानमंत्री जिस पर्व को अर्धकुम्भ बतायें और सूबे का सूबेदार उसी पर्व को कुम्भ की घोषणा ही नही, बल्कि कुंभ का घनघोर प्रचार कर रहे हैं । इसे क्या कहा जायेगा।भारतीय जनमानस के उक्त आध्यात्मिक दर्द को समाजवादी नेता नरेन्द्र सिंह ने अपने बयान से साझा किया।
समाजवादी नेता ने कुछ सनातनी आस्थावान लोगों से बात करते हुए कहा कि पहले प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री यह तय कर लें कि इसे क्या कहा जाय कुंभ अथवा अर्धकुम्भ। इस महान पर्व को लेकर प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के बींच वैचारिक असहजता क्यों है? नरेन्द्र सिंह के साथ विचार विमर्श करने वालों मे पं कमला शंकर मिश्र, पं विजय कुमार शास्त्री,पं शशिकर द्विवेदी,आचार्य सन्त लाल द्विवेदी,पं शिव चन्द जी, साधक पीयूष जी, ध्यान योगी विशाल जी आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे।


