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गंगा का निर्मल होना ही संत एवं कल्पवासियों का उदेश्य- स्वामी महेशाश्रम

प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )। कल्पवास के लिए आए हुए संत एवं कल्पवासियों का मुल रुप से निर्मल गंगा में स्नान करने का अभिलाषा ही पुरे विश्व से आने के लिए आकर्षित करता है परन्तु प्रशासन एवं अफसरों के कारण कानपुर से लेकर कानपुर तक के गिरने वाले नालों का जल गंगा जी को अपवित्र कर रहा है ऐसे काले स्वरूप में गंगा जल को देख कर ह्रदय अघात हो रहा है इस लिए शासन प्रशासन को अविलंब इन नालों को टैपिंग कर गंगा जल को पवित्र करना चाहिए अगर पूर्णिमा तक गंगा जल पवित्र नहीं होता तो मजबूर होकर संतो एवं कल्पवासियों का संयुक्त कठोर निर्णय लेने पर बाध्य होना पडेगा, हम आशा करते हैं की प्रशासन में बैठे अधिकारी स्वक्छ गंगा जल की व्यवस्था कर पाप से बचने का प्रयत्न करेंगे।

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