देश

आत्मा का परमात्मा से साक्षात्कार करवाती है शिव आराधना: स्वामी कैलाशानंद गिरी

 

हरिद्वार (अनुरागदर्शन समाचार )। निरंजन पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज ने कहा है कि देवों के देव महादेव भगवान शिव की आराधना से मन की शुद्धि के साथ-साथ अंत:करण की भी शुद्धि होती है। जिससे भक्त की आत्मा का परमात्मा से साक्षात्कार और उसके मोक्ष का मार्ग प्रशस्त होता हैं। नीलधारा तट स्थित श्री दक्षिण काली मंदिर में भगवान शिव की विशेष आराधना के दौरान श्रद्धालु भक्तों को संबोधित करते हुए स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज ने कहा कि भगवान शिव आदि अनादि और निराकार और सृष्टि की उत्पत्ति और अंत के कारक हैं। जो भक्तों का संरक्षण कर उनकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं। भगवान शिव की शक्ति अपरंपार है। जो दीन दुखी दिनानाथ के दरबार में आ जाता है। उसका कल्याण अवश्य होता है। उन्होंने कहा कि श्रावण मास में शिव आराधना के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण का संकल्प भी लें। स्वामी अवंतिकानंद ब्रह्मचारी ने कहा कि भगवान शिव दया, कृपा और करुणा के सागर हैं। भक्तों का भगवान के प्रति भाव और समर्पण ही सनातन धर्म और भारतीय संस्कृति की पहचान है। इस दौरान आचार्य पवनदत्त मिश्र, पंडित प्रमोद पांडे। स्वामी विवेकानंद ब्रह्मचारी, स्वामी कृष्णानंद ब्रह्मचारी, महंत लालबाबा, बाल मुकुंदानंद ब्रह्मचारी, स्वामी अनुरागी महाराज सहित सैकड़ों श्रद्धालु भक्त उपस्थित रहे।

Related Articles

Check Also
Close
Back to top button