इस्तेक़बाल ए अज़ा के जुलूस निकलने के साथ हुआ माहे ग़म का आग़ाज़
प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )। दरियाबाद में हज़रत इमाम हुसैन व अन्य शहीदाने करबला की याद मे दो माह और आठ दिनो तक जारी रहने वाले माहे ग़म माहे अज़ा का आग़ाज़ दरियाबाद स्थित इमामबाड़ा अरब अली खाँ से निकले इस्तेक़बाले अज़ा के जुलूस के साथ हो गया।जुलूस से पहले नज़र अब्बास खाँ ने मर्सिया पढ़ा तो मौलाना अशरफ अब्बास ने करबला के शहीदों का तज़केरा किया।शोज़ब असग़र के संचालन मे एक एक कर मातमी अन्जुमनों ने ग़मगीन नौहा पढ़ते हुए जुलूस निकाला।अन्जुमन हैदरी अन्जुमन असग़रीया ,अन्जुमन मोहाफिज़े अज़ा ,अन्जुमन हुसैनिया क़दीम दरियाबाद व अन्जुमन ग़ुन्चा ए क़ासिमया बख्शी बाज़ार के नौहाख्वानों व मातमदारों ने जुलूस इस्तेक़बाले अज़ा मे शिरकत की।वहीं मस्जिद क़ाज़ी साहब बख्शी बाज़ार मे मस्जिद के पूर्व मोअज़्ज़िन सफदर हुसैन की पत्नी स्व कनीज़फात्मा “बहार” की मजलिस ए चेहलुम को मौलाना सैय्यद रज़ी हैदर ने खिताब किया।शहनशाह सोनवी ने मर्सिया तो शायर अनवार अब्बास ने पेशख्वानी के फराएज़ अन्जाम दिए।मजलिस मे मौलाना जवादुल हैदर रिज़वी ,मौलाना जौहर अब्बास ,मौलाना सग़ीर हसन खाँ ,मौलाना अफज़ल अब्बास ,डॉ रिज़वान हैदर रिज़वी ,क़मर आब्दी ,रिज़वान जव्वादी ,सैय्यद मोहम्मद अस्करी ,शाहरुक़ क़ाज़ी अमन जायसी आदि शामिल रहे।



