व्रत-त्योहार

श्री मीता बाबा आश्रम पर महापर्व छठ की तैयारिया शुरू

प्रयागराज। श्री मीता बाबा आश्रम पर महापर्व छठ की तैयारिया शुरू हो गई हैं।
आश्रम के महंत बजरंगमुनि उदासीन ने बताया कि छठ घाट की साफ-सफाई , रंगाई-पुताई व घाटों तक पहुंच पथ के साथ-साथ पानी के अंदर बैरिकेडिंग की व्यवस्था की जाएगी।

महंत बजरंगमुनि उदासीन से छठ पर्व के बारे में पूछने पर बताया कि छठ पर्व छठ, षष्ठी का अपभ्रंश है। कार्तिक मास की अमावस्या को दीवाली मनाने के बाद मनाये जाने वाले इस चार दिवसीय व्रत की सबसे कठिन और महत्त्वपूर्ण रात्रि कार्तिक शुक्ल षष्ठी की होती है। कार्तिक शुक्ल पक्ष के षष्ठी को यह व्रत मनाये जाने के कारण इसका नामकरण छठ व्रत पड़ा।

छठ पूजा चार दिवसीय उत्सव है। इसकी शुरुआत कार्तिक शुक्ल चतुर्थी को तथा समाप्ति कार्तिक शुक्ल सप्तमी को होती है। इस दौरान व्रतधारी लगातार 36 घंटे का व्रत रखते हैं। इस दौरान वे पानी भी ग्रहण नहीं करते।

सूर्य की शक्तियों का मुख्य श्रोत उनकी पत्नी ऊषा और प्रत्यूषा हैं। छठ में सूर्य के साथ-साथ दोनों शक्तियों की संयुक्त आराधना होती है। प्रात:काल में सूर्य की पहली किरण (ऊषा) और सायंकाल में सूर्य की अंतिम किरण (प्रत्यूषा) को अर्घ्य देकर दोनों का नमन किया जाता है।।

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