बम भोले’ के जयकारे संग भक्तों ने बनाए चार लाख पार्थिव शिवलिंग

शिवलिंग भगवान शिव के निराकार स्वरूप का प्रतीकः देवकीनंदन
मथुरा ( अनुराग दर्शन समाचार ) । श्रावण के तृतीय सोमवार शिव भक्तों ने चार लाख ग्यारह हजार पार्थिव शिवलिंगों का निर्माण कर वैदिक मंत्रोच्चार के मध्य उनका अभिषेक किया। शिव कथा श्रवण कराते हुये देवकीनंदन महाराज ने कहा कि शिव के निराकार और साकार दोनों रूप हैं। शिवलिंग को पुरूषत्व का प्रतीक नहीं बल्कि निर्गुण निराकार शिव का प्रतीक मानकर पूजन करना चाहिए। सोमवार को जैंत स्थित शिव आराधना स्थल पर प्रातः शिवभक्तों ने कथा श्रवण करते हुए मिट्टी के पार्थिव शिवलिंग बनाए। कन्हैया के ब्रज में विभिन्न स्थानों से आये भक्त शिव भक्ति में डूबे नजर आये। उत्साहित शिवभक्तों ने ‘बमभोले’ के जयकारों से आयोजन स्थल को गुंजायमान कर दिया। शाम को सभी ने एक साथ रुद्राभिषेक किया। कथा पंडाल में महाशिवपुराण का वर्णन करते हुये देवकीनंदन महाराज ने कहा कि नंदकेश्वर, सनत कुमारजी को बताते हैं कि जो भगवान के लिंग को पुरूषत्व का प्रतीक समझकर पूजता है वह पाप का भागी बनता है। शिवलिंग भगवान शिव के निराकार स्वरूप का प्रतीक है और साकार रूप भगवान शिव की मूर्ति है। दोनों ही रूपों में भगवान शिव की आराधना की जाती है। उन्होंने कहा कि जब दूसरे धर्मों की भावनाएं आहत होती है तो हमारे शिव और देवी देवताओं पर गलत टिप्पणी से हिंदुओं की भावनाएं भी आहत होती हैं लेकिन हम उदारता दिखा जाते हैं क्योंकि हमारा सनातन धर्म हमें सहनशील और क्षमाशील बनाता है। विश्व शांति सेवा चैरिटेबल ट्रस्ट सचिव विजय शर्मा ने बताया कि 25 दिनों में 65 लाख 49 हजार पार्थिव शिवलिंग बनाये जा चुके हैं। इस अवसर पर रवि रावत, प्रभा शंकर वर्मा, सुधीर कुमार वर्मा, नीरज, आंचल वर्मा, विष्णु शर्मा, देव शर्मा, धर्मेंद्र यदुवंशी, रोहित, किशन शर्मा, गजेन्द्र सिंह आदि उपस्थित रहे।



