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पानी, सुरक्षा के अभाव में कुत्ते के शिकार हो रहे हैं काले हिरन

(धीरेन्द्र शुक्ल)
कोराँव, प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )। कोराँव व मेजा के खीरी थानान्तर्गत चाँद, खमरिया व गड़री,महुली क्रष्ण म्रग वन छेत्र में वन विभाग की लापरवाही तथा उदासीनता के कारण पानी की कमी से गावों की ओर चले जाने पर प्यासे काले हिरन कुत्तों एवं अन्य जंगली जानवरों का शिकार हो रहे हैं। करोंड़ों रुपये की लागत से चाँद खमरिया, महुली में क्रष्ण म्रग अभयारण्य का सरकार ने निर्माण कराया हेै।जहाँ पर हिरनों को पानी पीने के लिए पक्का तालाब बनाये गये हैं लेकिन तालाब में पानी नहींं है। हिरन को खाने के लिए नमक के भी पक्के गड्ढे बनाये गए हैं लेकिन उन गड्ढों में कभी नमक नहींं डाले जाते हैं।

सोलर पैनल गायब हो रहे हैं

उक्त क्रष्ण म्रग अभ्यारण्य छेत्र में जगह -जगह प्रकाश के लिए सोलर पैनल लगवाये गये थे जिसे चोर चुरा ले गए हैं।उसकी देख रेख करने वाला कोई नहींं है।उक्त अभयारण्य में वन विभाग का कोई कर्मचारी नियुक्त नहींं है।

पानी के लिए भटकते है हिरन

पानी की व्यवस्थाप न होने के कारण काले हिरन व लाल हिरन पानी की तलाश में गावोंं की ओर भटक कर चले जाते हैं। जिससेे वेआदमखोर कुत्ताें के शिकार हो जाते हैं तथा कुत्ते नोच -नोच कर खा जाते हैं। चाँद खमरिया के पूर्व प्रधान प्रतिनिधि नारायण पाण्डेय ने बताया कि वन विभाग के अधिकारी कर्मचारियों की ड्यूटी न होने से हिरन इस अभयारण्य में पूरी तरह असुरछित हैं। गड़री ग्राम के डा.लवलेश तिवारी ने कहा कि दुर्लभ वन्य जीव विभागीय उदासीनता के कारण इस अभयारण्य में काफी संकट में हैं। प्रधान महुली विमल नारायण तिवारी ने बताया कि गत महीने दो हिरनों की मौत कुत्तों के काटने से हो चुकी है।

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