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पेयजल परियोजना से बनी टंकी बनी शो पीस, पानी की मार झेलते ग्रामीण

मेजा, प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )। विकास खंण्ड उरूवा के पकरी-सेवार गांव में नीर निर्मल परियोजना के तहत वर्ष 2013-14 में एक करोड़ 34 लाख ₹837 की लागत से पानी की टंकी का निर्माण कराया गया लेकिन 8 साल बीतने के बावजूद भी ग्रामीणों को शुद्ध पानी नहीं मिल पा रहा।

बता दें कि नीर निर्मल परियोजना उत्तर प्रदेश द्वारा पानी की टंकी का निर्माण किया गया लेकिन स्थिति यह है कि इससे गांव के लोगों को पानी नसीब नहीं हो सका। ग्रामीणों को शुद्ध पानी के लिए भटकना पड़ता है। संबंधित अधिकारियों को अवगत कराने के बाद भी पानी टंकी से पेयजल आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी।

गांव के लोगों ने बताया कि पानी टंकी का निर्माण वर्ष 2013-14 पूरा हो गया था पानी की सप्लाई के लिए पाइपलाइन बिछा दी गई लेकिन ग्रामीणों के घरों तक शुद्ध पानी नहीं पहुंच सका।
ग्रामीणों ने कि माने तो पानी की सप्लाई के लिए बिछाई गई अंडरग्राउंड पाइप भी जगह जगह क्षतिग्रस्त हो गई है कभी कबार आपूर्ति किया भी जाता है तो क्षतिग्रस्त पाइप के कारण लोगों के घरों में पानी नहीं पहुंच पाता यह समस्या पिछले 8 सालों से जस की तस बनी हुई है।

लेकिन स्थानीय प्रशासन सरकार की योजनाओं को धरातल पर लाने में नाकाम साबित हो रहा। ग्रामीणों ने आरोप लगाते हुए कहा कि ठेकेदार की लापरवाही के कारण पेयजल परियोजना को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया गया है। ग्राम सभा में जो भी पाइपलाइन बिछाई गई है वह मानक के अनुरूप गहराई में ना किए जाने की वजह से आए दिन कहीं न कहीं भ्रष्ट हो जाती है वही लोगों ने जब ग्राम सभा के प्रधान से इस विषय में बात किया तो प्रधान ने साफ इंकार करते हुए कहा कि हमें हैंडोवर नहीं किया गया है जहां से हो सकता है इसका कार्य करा देते हैं। ग्रामीणों में इस पेयजल परियोजना के प्रति काफी आक्रोश व्याप्त है।

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