विहिप के केंद्रीय मंत्री मिलिंद बोले-धार्मिक मामलों में अदालत व सरकार हस्तक्षेप न करे

प्रयागराज । धर्म और आस्था किसी भी व्यक्ति और समाज का अपना आंतरिक और निजी मामला होता है। देश की अदालतों और सरकारों को इसमें हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए।
इससे लोगों में नाराजगी पैदा होती है जो राष्ट्र के लिए हितकारी नहीं है। यह बातें विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय महामंत्री मिलिंद परांडे ने पत्रकारों से वार्ता करते हुए राम मंदिर और सबरीमाला मंदिर विवाद के संदर्भ में कही।
श्री परांडे 17 व 18 जनवरी को होने वाली विहिप की केंद्रीय प्रबंध समिति एवं प्रन्यासी मंडल की संयुक्त बैठक में शामिल होने के लिए कुंभ क्षेत्र पहुंचे हैं। विहिप महामंत्री ने कहा कि उनका संगठन सबरीमाला मंदिर आंदोलन को जारी रखेगा। राम मंदिर निर्माण के संबंध में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि कुंभ में होने वाली धर्म संसद में इस पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
संत समाज जो तय करेगा विश्व हिंदू परिषद भी उनके साथ रहेगा। बैठक के बाबत बताया गया कि पहले दिन केंद्रीय प्रबंध समिति और प्रन्यासी मंडल की बैठक होगी जिसमें देश विदेश के पदाधिकारी शामिल होंगे। दूसरे दिन प्रांतीय कार्य समिति के पदाधिकारियों की बैठक होगी जिसमें देश भर के विभिन्न प्रांतों से आए एक हजार से अधिक पदाधिकारी शामिल होंगे।
कई सत्रों में होने वाली इन बैठकों में संगठन विस्तार, राम मंदिर निर्माण और उसके लिए विगत दो माह से चलाए जा रहे जन जागरण अभियान का विश्लेषण एवं आगे की रणनीति निर्धारण, सबरीमाला आंदोलन और हिंदू समाज को तोड़ने के षडयंत्र को विफल करने, विश्व के दूसरे देशों में संगठन के कार्य एवं विस्तार और यूरोप व दक्षिण अमेरिका की कुछ देशों में नए सिरे से शुरू कार्य और ग्रीष्मावकाश काल में विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल, दुर्गा वाहिनी के कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित करने के उद्देश्य पर विस्तार से चर्चा होगी ।




