प्रयागराज। किन्नर अखाडे की पीठाधीश्वर टीना मा ने कहा कि गुरू ही असली मार्ग दर्शक होता है क्योकि माता-पिता के बाद अगर कोई आगे बढने के लिये प्रेरित करता है, सीख देता है और मार्ग प्रशस्त करता है तो वह है गुरू।

उन्होने कहा कि किन्नरों में गुरू परंपरा शुरू से ही है। उसी परंपरा पर आज हम चल रहे है। यह बातें किन्नर अखाडा की पीठाधीश्वर प्रयागराज टीना मा ने गुरू पूर्णिमा पर शिष्यों द्वारा पूजन के बाद गुरूवार को बैरहना स्थित आवास पर कहा। उन्होने कहा कि परिवार और समाज में आज भी लोग गुरू को सर्वश्रेष्ठ मानते हुए उनका पूजन और सम्मान करते है। कहा कि हम किन्नरों को मा-बाप बचपन में ही छोड देते है लेकिन वह गुरू ही होता है जो हम लोगों का लालन-पालन करते हुए बडा करता है। इस दौरान बच्चों की तरह सभी सुविधाएं और पढाई-लिखाई तक की सीख देते है। पीठाधीश्वर टीना मा ने बताया कि सभी लोगो को गुरू का सम्मान करना चाहिये और उनके दिखाये मार्ग पर चलना चाहिये। गुरू पूजन में हाईकोर्ट के अधिक्ता नवीन सिंह, परी, रानी, सोना, विनीता, लैला उर्फ प्रीती, मूलचन्द्र, विजय, राजू, समाजसेवी नाजिम अंसारी सहित अन्य सभी लोगों ने विधि विधान से गुरू पूजन किया। अंजलि गुरू ने सभी को आशिर्वाद देते हुए उनकी उन्नति की ईश्वर से कामना किया। कहा कि यह सब हमारे बच्चे है। इनका लालन-पालन करना और इनको संभालना हमारा दायित्व है।



