डॉ एके वर्मा के शोध पत्रों का डेढ़ हजार साइटेशन

(अनुराग शुक्ला ) प्रयागराज ( अनुराग दर्शन समाचार )। राजकीय पीजी कॉलेज सैदाबाद, प्रयागराज के जंतु विज्ञान विभाग के प्राध्यापक डॉ एके वर्मा ने शोध के क्षेत्र में एक नया वैश्विक कीर्तिमान स्थापित किया है। उनकी अब तक 105 शोध रचनाएं विभिन्न राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय शोध पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई है। प्रकाशित शोध पत्रों को अब तक गूगल स्कॉलर द्वारा 1502 साइटेशन प्राप्त हो चुका है, जो अपने आप में एक कीर्तिमान है।
पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उच्च स्तरीय कार्य करने वाले डॉ. वर्मा के प्रकाशित शोध रचनाओं में शोध पत्र, समीक्षा पत्र तथा पुस्तक अध्याय शामिल है। डॉ. वर्मा के शोध विचारों तथा परिकल्पना को देश-विदेश मे प्रकाशित 1502 शोध पत्रों में स्थान दिया गया है। किसी भी शोधार्थी तथा एक शिक्षक के लिए यह एक बहुत बड़ी उपलब्धि है। यह वैश्विक कीर्तिमान प्रयागराज के लिए भी एक बहुत बड़ी उपलब्धि है।
डॉ. वर्मा की अब तक 8 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी है और वह इंटरनेशनल जर्नल आफ बायोलॉजिकल इन्नोवेशंस नामक विश्वविख्यात शोध पत्रिका के प्रधान संपादक भी हैं। उन्हें अब तक 70 से अधिक राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार भी प्राप्त हो चुके हैं। जिनमें वर्ष 2017 में मिलने वाला सरस्वती सम्मान भी शामिल है। सरस्वती सम्मान उच्च शिक्षा विभाग उत्तर प्रदेश शासन द्वारा दिया जाने वाला सर्वोच्च सम्मान है जिसे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षक दिवस के अवसर पर 5 सितम्बर 2017 को प्रदान किया था। डॉक्टर वर्मा अवध विश्वविद्यालय अयोध्या की शोध उपाधि समिति तथा राजकीय स्वायत्तशासी महिला महाविद्यालय ग्वालियर के पर्यावरण विज्ञान की विद्वत परिषद के विशेषज्ञ भी हैं। उन्होंने एक पीएचडी शोध छात्र का भी पर्यवेक्षण किया है। दिसम्बर 2021 में उच्च शिक्षा विभाग ने शोध कार्यों हेतु अगले 3 वर्षों के लिए 5 लाख रुपए का अनुदान भी स्वीकृत किया है। वे एक योग्य शोध टीम के सदस्य के रूप में एक पेटेंट पर काम कर रहे हैं, जिसे शीघ्र ही पंजीकरण हेतु भेजा जाएगा। इसके अतिरिक्त डॉ. वर्मा दो दर्जन से अधिक सामाजिक, शैक्षणिक, शोध तथा पर्यावरण से सम्बंधित शोध संस्थाओं तथा समितियों के सक्रिय सदस्य तथा अवैतनिक पदाधिकारी भी हैं।

