गंगा तट सेमेला समाचारहाेम

हिंदू समाज में फैले जाति प्रथा को समाप्त करने के लिए जिस सामाजिक आंदोलन, यात्रा, जागरण की आवश्यकता पड़ेगी हम तैयार हैं- विनायक राव देश पांडे

प्रयागराज। विश्व हिंदू परिषद माघ मेला शिविर परेड ग्राउंड में अखिल भारतीय सामाजिक समरसता पदाधिकारियों की राष्ट्रीय बैठक के अंतिम दिन पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए संगठन महामंत्री विनायक राव देश पांडे ने कहा कि सभी को यह संकल्प लेकर जाना है हिंदू समाज में फैले जाति प्रथा को समाप्त करने के लिए जिस सामाजिक आंदोलन, यात्रा, जागरण एवं सह भोज की आवश्यकता पड़ेगी हम सभी अपने जिले, प्रांतों में व्यापक पैमाने पर कार्यक्रम करेंगे।

ऐसे महापुरुषों संत रविदास, बाबा साहब अंबेडकर जैसे महापुरुषों के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य करेंगे हिंदू समाज की एकता के बल पर इस राष्ट्र को परम वैभव शाली एवं हिंदू संस्कृति एवं धर्म विश्व का श्रेष्ठ धर्म बने इसका प्रयत्न करेंगे ।

हिंदू समाज के विघटन के हो रहे प्रयासों को एकता के बल पर कुचल देंगे यही हम सबका धर्म है। विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय अध्यक्ष विष्णु सदाशिव कोकजे ने प्रेस प्रतिनिधियों से वार्तालाप के दौरान कहा कि नागरिकता संशोधन बिल का विरोध करने वाले राष्ट्र के विरोधी हैं ।

धार्मिक आधार पर प्रताड़ित हुए लोगों के लिए यह कानून है जिससे समाज की महिलाएं आज सड़कों पर हैं उनके यहां पर्दा और तीन तलाक जैसी कुरीतियां मौजूद है अब ऐसी महिलाओं को अवसर मिला है कि वह आंदोलन के लिए सीख ले ले और आने वाले समय में अपने ऊपर हो रहे अत्याचारों के प्रतिकार के लिए ऐसा ही आंदोलन देशभर में खड़ा करें ।

यह शिक्षित मुस्लिम महिलाओं को आगे आकर अपने समाज की महिलाओं को समझाना पड़ेगा कि इस कानून से किसी का कोई नुकसान नहीं है जो राज्य सरकारें इसका विरोध कर रही हैं वहां पर विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं के आधार पर हम इसके पक्ष में जागरूकता करेंगे इसकी प्रक्रिया को पूर्ण करने में सहयोग करेंगे।

सैकड़ों वर्षों से दुनिया का हिंदू समाज भगवान श्री राम मंदिर के लिए जो संघर्ष कर रहा था उसमें एक बड़ी सफलता प्राप्त हुई है इसमें कोई संदेह नहीं कि जिन पूज्य संतों के मार्गदर्शन में इस आंदोलन की लड़ाई हुई है उन्हीं के हाथों में भव्य मंदिर निर्माण का जिम्मा होगा जिस मॉडल को करोड़ों हिंदुओं ने आस्था के साथ पूजा है उसी मॉडल पर निर्माण होगा पूज्य संतों के इच्छा का सम्मान होगा।

विश्व हिंदू परिषद इस विषय पर अपना विचार 9 फरवरी के बाद रखेगा विहिप शुरू से ही सामाजिक समरसता के लिए आदिवासी, वनवासी क्षेत्रों में अनेक विद्यालय, चिकित्सालय एवं रोजगार सेंटर चला रहा है।

गरीब नीरिह हिंदुओं के बीच अनेकों सेवा कार्य चल रहे हैं पूरे देश भर में सैकड़ों वेद विद्यालय, हजारों गौशालाए संगठन के प्रयास से चल रही हैं गौ, गंगा के लिए अनेकों आंदोलन संगठन ने किए हैं।

चाहे राम सेतु का विषय रहा हो, या अमरनाथ यात्रा का विषय रहा हो संगठन अपने स्थापना के बाद से ही हिंदू धर्म एवं संस्कृति के लिए हिंदू समाज के जागरण एवं संस्कृति के संवर्धन के लिए लगातार अनेकों कार्यक्रम करते हुए आज पूरे भारत में ही नहीं विश्व के अनेकों देशों में संगठन की अनेकों इकाइयां कार्य कर रही हैं।

राजस्थान में अपने घर से बिछड़े लाखों हिंदू समाज के लोगों का घर वापसी का कार्यक्रम कराया गया है संगठन के माध्यम से हर वर्ष सैकड़ों की संख्या में अर्चक और कथावाचक निकल कर अपने अनुसूचित बंधुओं के बीच जाकर अपने धर्म की गहराइयों से उन्हें जोड़ने का कार्य कर रहे हैं ।

ऐसी परिस्थितियों में यह कहना कि विहिप केवल राम जन्मभूमि आंदोलन के लिए है यह उचित नहीं है, विश्व हिंदू परिषद का कार्य हिंदू समाज की एकता एवं जागरण है जो पूज्य संतों के मार्गदर्शन एवं हिंदू समाज के त्याग के बल पर सारे कार्य लक्ष्य निरंतर प्राप्त होते जा रहे हैं यह ईश्वरीय कार्य है ।

इसी को ध्यान में रखते हुए इसकी स्थापना हुई आज प्रमुख रूप से केंद्रीय उपाध्यक्ष जिवेशवर मिश्र, प्रांत संगठन मंत्री मुकेश कुमार, प्रांत मंत्री आनंद, आरएम गोयल, अमित पाठक, अभय वर्मा, गौरव जायसवाल, अनुज सिंह, बालेंद्र द्विवेदी, महेंद्र मौर्य, दुर्गेश सिंह, लवलेश बजरंगी आदि उपस्थित रहे, अश्विनी मिश्र ने यह जानकारी दी।

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