‘एकात्म मानवदर्शन की स्वदेशी अवधारणा’ विषय पर विचार
प्रयागराज। पं.दीन दयाल उपाध्याय जी की पुण्य तिथि के पूर्व संध्या पर स्वदेशी जागरण मंच प्रयाग विभाग के तत्वावधान में सोमवार को ‘एकात्म मानवदर्शन की स्वदेशी अवधारणा’ विषय पर विचार गोष्ठी हुई।
माघ मेला के स्वदेशी शिविर में आयोजित इस कार्यक्रम में वक्ताओं ने पूंजीवाद और समाजवाद को राष्ट्रवाद की विचारधारा के लिए खतरा बताया। इस अवसर पर स्वदेशी के व्यापक प्रचार – प्रसार का संकल्प दोहराया गया।
इस मौके पर शिविर संचालन में सहयोग देने वाले पाँच स्वदेशी के कार्यकर्ताओं को संगठन की ओर से सम्मानित भी किया गया।
मुख्य अतिथि स्वदेशी जागरण मंच के राष्ट्रीय परिषद के सदस्य डॉक्टर सुरेश नागर चौधरी ने कहा कि आज राष्ट्रवाद को अच्छी दृष्टि से नहीं देखा जाता है। पूंजीवाद और समाजवाद को राष्ट्रवाद प्रिय नहीं है। इसी का नतीजा है कि मौजूदा वक्त में पूरी दुनिया में आर्थिक मंदी को लेकर उथल-पुथल चल रही है।
प्रयाग विभाग संयोजक कैप्टन मुकेश ने कहा कि कल तक जिस चीन की अर्थ व्यवस्था का लोग लोहा मान रहे थे उसने भी अपने सामानों का दाम घटाकर मुद्रा को गिरा दिया है। जिससे चीन में आर्थिक मंदी का संकट छा गया है। कहा कि ऐसे हालात में पंडित दीनदयाल उपाध्याय की एकात्म मानववाद की अवधारणा इस समस्या का एक मात्र विकल्प है।
प्रतापगढ़ के ज़िला संयोजक दत्तात्रेय पाण्डेय ने कहा कि दीन दयाल जी द्वारा बताए गए मार्ग पर चलकर ही राष्ट्रवाद को बचाया जा सकता है। गोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए प्रयागराज फ़ाउंडेशन के अध्यक्ष शशांक शेख़र पांडेय ने विषय की प्रस्तावना रखते हुए पं.दीनदयाल के विचारों से लोगों को अवगत कराया। उन्होंने मौजूद लोगों से एकात्म मानव दर्शन के सिद्धान्त पर चलकर स्वदेशी विचारधारा के व्यापक प्रचार का अनुरोध किया।
इस अवसर पर विकास त्रिपाठी,विवेक चौधरी,अमरेन्द्र सिंह,हरिमोहन पाण्डेय,रामदत्त मिश्र को “स्वदेशी सेवा सम्मान” प्रदान किया गया। गोष्ठी में गंगेश पाण्डेय,कृष्ण मोहन मिश्रा,पूनम मिश्रा,श्रीचन्द विश्वकर्मा,आशुतोष आदि मौजूद थे।


