मंसूर पार्क के धरने में खाद्य सामाग्री का वितरण करने पहुंचे संतोषानन्द महाराज ने भाजपा पर लोकतंत्र की हत्या का लगाया आरोप
प्रयागराज। मंसूर अली पार्क में एनपीआर एनआरसी और सीएए के खेलाफ चल रहे धरने के 37 वें दिन पण्डित संतोषानन्द महाराज, पण्डित शास्त्री जी महाराज, पण्डित श्याम सुन्दर जी महाराज, पण्डित ब्रहम्चारी जी महाराज व पण्डित राम लखन जी महाराज ने धरनारत महिलाओं में खाने के सामान का वित्रण कर गंगा जमुनी तहज़ीब के इलाहाबाद शहर को गौरव व सम्मान की अनूभूति का एहसास कराया।

संतोषानन्द महाराज ने महिलाओं को बिस्किट, दालमोट, केला, सेब आदि देकर कर कहा की यह हमारे देश की संस्कृति है। इसे भाजपा खण्डित करने पर तुली है। उन्होने धरनारत महिलाओं का पूर्ण समर्थन करते हुए काले क़ानून की वापसी तक संघर्ष मे पुरे धन मन योग के साथ खड़े रहने की बात कही। प्रधानमंत्री के वारणसी में दिए गए बयान पर कहा हमारा विरोध तब तक जारी रहेगा जब तक इस काले क़ानून को सरकार वापिस नहीं ले लेती।
महिलाओं से कहा आप लोग तानाशाही से हर्गिज़ न डरें।देश के हर समाज का व्यक्ति इस हठधर्मी सरकार के विरुध लड़ी जा रही लोकतांत्रिक लड़ाई में आप के साथ है।कांग्रेसी नेता इरशाद उल्ला,एआईएमआईएम नेता अफसर महमूद,सपा नेता सै०मो०अस्करी,शुऐब अन्सारी,सै०मो०शहाब,शाहिद अली राजू,अब्दुल्ला तेहामी,रमीज़ अहसन,फजल खान आदि नेतागण मौजूद रहे।
एक बार फिर मंसूर पार्क पहोँचे सुप्रीम कोर्ट के वकील महमूद प्राचा
मंसूर अली पार्क में चल रहे धरने के ३७ वें दिन भी कई वक्ताओं ने एनआरसी,एनपीआर और सीएए के खिलाफ आवाज़ बुलन्द की।एजी आफिस कर्मचारी संगठन ब्रदरहुड का प्रतिनिधीमण्डल भी महिलाओं के समर्थन मे उतर आया। ब्रदरहुड संगठन के रिशेश्वर उपाध्याय,बाबूलाल व अन्य लोगों ने महिलाओं को समर्थन देते हुए संघर्ष मे साथ खड़े रहने के साथ काले क़ानून पर प्रहार किया।

श्रृषेश्वर उपाध्याय,प्रोफेसर कृष्णमोरारी यादव,सुरेन्द्र राही, योगेन्द्र, ओमप्रकाश पाल, माता प्रसाद यादव,रवि श्रीवास्तव, रामपाल.सिंह, जी डी यादव, अशोक श्रीवास्तव, श्याम नारायण यादव, शिवधनी विमल, रामाचेत आदि ने अपने विचार व्यक्त करते हुए केन्द्र सरकार कड़े शब्दों से बौछार की।देर रात सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील महमूद प्राचा भी मंसूर अली पार्क में चल रहे धरने को सम्बोधित करने पहुंचे।सायरा अहमद, सबीहा मोहानी,ज़ीशान रहमानी,उमर अब्दुल्ला,अब्दुल्ला तेहामी,सै०मो०अस्करी,तारिक़ खान आदि ने धरने में शामिल महिलाओं का उत्साह बढ़ाते हुए इन्क़ेलाबी नारे से जोश भरा, वहीं धरने में शामिल होने को दिन भर लोगों की आवाजाही बनी रही।तिरंगा और काले क़ानून के खिलाफ लिखी तख्तीयाँ लेकर कई मोहल्लों से जुलूस निकाल कर महिलाएँ युवक व युवतियाँ मंसूर अली पार्क पहुंचीं।




