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30 फीसद कम हुआ कामिल व फाजिल का पाठ्यक्रम

इस बार यूपी बोर्ड के साथ ही होंगी मदरसा बोर्ड की परीक्षाएं

कोरोना इफेक्ट के कारण नहीं चली कक्षाएं, पाठ्यक्रम अधूरा

प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। मदरसों में पढऩे वाले छात्र-छात्राओं के लिए राहत वाली खबर है। अब कामिल व फाजिल के छात्र-छात्राओं को कम पाठ्यक्रम पढ़ाना होगा। कोरोना महामारी की वजह से उत्तर प्रदेश मदरसा बोर्ड की ओर से संचालित मदरसों में कोर्स घटाने का निर्णय लिया गया है। मदरसा बोर्ड से पहले यूपी बोर्ड, सीबीएससी और आईसीएसई बोर्ड भी कोविड-19 की वजह से शैक्षिक सत्र 2020-21 के पाठ्यक्रम से 30 फीसद तक घटा चुके हैं।
मदरसा बोर्ड की शैक्षिक सत्र 2020-21 की परीक्षाएं यूपी बोर्ड की परीक्षाओं के साथ ही होंगी। इसलिए मदरसा बोर्ड ने हायर सेकेण्ड्री, सीनियर सेकेण्ड्री के साथ ही कामिल और फाजिल के पाठ्यक्रम को 30 फीसद कम करने का निर्णय लिया है। कोरोना के दौर में अन्य बोर्ड की तरह मदरसा बोर्ड में भी ऑनलाइन कक्षाएं संचालित की गई थीं। जिसके माध्यम से 60 से 70 फीसद तक पाठ्यक्रम पढ़ाया जा चुका है।
किस पाठ्यक्रम से कौन-कौन से पाठ हटाए जाएंगे ये निर्णय होना बाकी है। यह फैसला विषय विशेषज्ञों की स्क्रीनिंग कमेटी करेगी। कमेटी के निर्णय पर ही तय किया जाएगा कि मदरसा बोर्ड के पाठ्यक्रम से किस-किस पाठ को हटाया जा सकता है। मदरसा बोर्ड के रजिस्ट्रार आरपी सिंह ने कहा कि अन्य बोर्ड की तरह मदरसा बोर्ड ने भी 30 प्रतिशत कोर्स घटाने का निर्णय शैक्षिक सत्र 2020-21 के लिए लिया है। घटाए गए कोर्स के आधार पर ही परीक्षाएं होगी। कोरोना महामारी की वजह से ही यह निर्णय लिया है। प्रदेश में अनुदानित मदरसों की संख्या 558 है जबकि 16,500 मदरसे मान्यता प्राप्त हैं। वर्ष 2020 की मदरसा बोर्ड परीक्षा में 1,82,259 परीक्षार्थी शामिल हुए थे।

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