कर्मचारियों की कमी से बीएसएनएल हलाकान , हफ्तों नही दूर हो रही शिकायत

प्रयागराज (अनुराग शुक्ला)। जहां एक तरफ केंद्र सरकार दूर संचार विभाग में प्राइवेट कंपनियों को बढावा दे रही है वही सरकारी कंपनी बीएसएनएल की तरफ कोई ध्यान नही है जिससे बीएसएनएल के उपभोक्ता परेशान हैं । सरकार की मदद कर्मचारी भी कर रहे हैं जो उपभोक्ताओं की शिकायत का समाधान नहीं कर पा रहे है ।
सिविल लाइंस टेलीफोन एक्सचेंज पर एक सीडीओ थे उनका ट्रांसफर होने के बाद कोई कर्मचारी नहीं है बल्कि एक जैटीएस के जिम्मे एक्सचेंज चल रहा है ।
सिविल लाइंस हट स्टफ चौराहे रहने वाले मनोज तिवारी ने का ब्रांड बैंड लाक डाउन से ही खराब है , मनोज तिवारी का कहना है कि राउटर से नेट छोड़ देता है और चलता नही है । जब राउटर ले सारी केबल निकाल कर दुबारा लगाया जाय तो दो चार मिनट नेट चलता है फिर एसएनआर डाउन हो जाता है और डीएसएल छोड़ देता है ।
एक बार यह समस्या आई थी तो बनवाया था लेकिन एक ही महीने बाद दुबारा समस्या आ गई ।
मनोज तिवारी ने बताया कि उन्होंने दुबार कंप्लेन किया जब नही सुना गया तो उन्होंने जीएम को मैसेज किया , जीएम ने कहा कि वह छुट्टी पर हैं , उसके बाद जीएम ने डीजीएम का नंबर दिया , डीजीएम को मैसेज करने के बाद भी आश्वासन मिला और आज तीन दिन होने को हैं लेकिन ब्रांडबैंड नही बना ।
एक बीएसएनएल कर्मचारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि सरकार चाहती ही है कि बीएसएनएल बंद हो जाय बहुत से कर्मचारी वीआरएस ले लिए हैं और दबाव बनाया जा रहा है कि बीआरएस ले लें ।
कई बार नई भर्ती के लिए टेंडर हुआ लेकिन कैंसिल हो जता है । आज कर्मचारी के अभाव में बीएसएनएल कराह रहा है और बहुत जल्दी दम तोड देगा । जो कर्मचारी हैं भी वे कुछ स्थान पकड़ कर ही बैठे रहते है।


