गंगा तट सेसंत समागम

काशी में जिला प्रशासन का हिन्दू धर्माचार्यों और श्रद्धालुओं के साथ दुर्व्यवहार और तांडव-नरेन्द्रानंद

प्रयागराज। आज गंगा दशहरा के पावन पर्व पर जहाँ एक ओर प्रयागराज, अयोध्या, मथुरा सहित अन्य धार्मिक तीर्थों में सनातन धर्मावलंबी, साधु-सन्त, सन्यासी, श्रद्धालु पूरी श्रद्धा से पतित पावनी माँ भागीरथी गंगा में श्रद्धा की डुबकी लगा रहे हैं, वहीं वाराणसी जिला प्रशासन ने गंगा स्नान को जा रहे लोगों के साथ मनमाने तरीके से दुर्व्यवहार करते हुए गंगा स्नान से वंचित कर दिया।


पुलिस ने लोगों को धमकी दी कि यदि नहीं माने और गंगा स्नान की जिद पर अड़े रहे तो परिणाम भुगतने को तैयार रहो। कहा कि इतनी धारा लगा दी जाएगी कि पूरी ज़िन्दगी जेल में सड़ते रहोगे।


इतना ही नहीं, अपितु काशी के धर्माचार्यों, साधु-सन्यासी भी पुलिस प्रशासन के उत्पीड़न के शिकार हुए।


श्री काशी सुमेरु पीठाधीश्वर जगद्गुरू शंकराचार्य स्वामी नरेन्द्रानन्द सरस्वती जी महाराज जब आज प्रातः ५ बजे गंगा स्नान को जा रहे थे, तो उन्हें भी रोका गया |

आज काशी में लाखों श्रद्धालुओं और धर्माचार्यों के साथ-साथ साधु-सन्तों को जिला प्रशासन ने मनमानी करते हुए गंगा दशहरा के पावन पर्व पर पवित्र गंगा स्नान से वंचित कर दिया |
यह स्थिति तब है जब उ०प्र० की सत्ता एक सन्यासी के हाँथ में है | लगता यही है कि वाराणसी का जिला प्रशासन योगी सरकार को बदनाम करने में लगा हुआ है |


सरकार को इस घटना का संज्ञान लेना चाहिए और इसकी गहराई से जाँच करानी चाहिए कि यह पाप कर्म किसके इशारे पर किया गया | जो भी इस पाप के लिए जिम्मेदार हो, उसके विरूद्ध कड़ी कार्यवाही सुनिश्चित की जानी चाहिए |

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