ज्ञानवापी को लेकर भड़काऊ पोस्ट पोस्ट करने पर डीयू के प्रोफेसर पर एफआईआर दर्ज

शिवलिंग की ताजा तस्वीर के साथ कथित तौर पर किया था अपमानजनक पोस्ट
कानपुर ( अनुराग दर्शन समाचार ) रायपुरवा थाने में दिल्ली यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर रतनलाल के खिलाफ गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज की है। एक विधि छात्र की तहरीर पर एफआईआर दर्ज करके मामले की जांच शुरू कर दी गई है। प्रो. रतनलाल के फेसबुक पर भड़काऊ पोस्ट करने के बाद कानपुर में भी हिन्दुवादी संगठनों ने जबरदस्त विरोध जताया था। अब रायपुरवा थाने की मामले में एफआईआर दर्ज करके मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
कानपुर के विधि छात्र ऋतुराज मिश्रा ने दो दिन पूर्व कानपुर पुलिस कमिश्नर विजय सिंह मीणा को एक तहरीर दी थी। इसमें दिल्ली यूनिवर्सिटी के प्रो. रतनलाल पर एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी। आरोप है कि डीयू में इतिहास विभाग के प्रोफेसर पर आरोप है कि उन्होंने अपने फेसबुक पर ज्ञानवापी मस्जिद को लेकर फेसबुक पर भड़काऊ पोस्ट किया था। इससे हिन्दुओं की धार्मिक भावनएं आहत हुई और इस पोस्ट के बाद से पूरे देश में प्रो. रतनलाल का विरोध शुरू हो गया है। उनके खिलाफ दिल्ली में गैरजमानतीय धाराओं में एफआईआर होने के बाद अब कानपुर के रायपुरवा थाने में शुक्रवार को धारा-505 (2) विभिन्न समुदाय के बीच शत्रुता, घृणा या वैमनस्य की भावनाएं पैदा करने के आशय से झूठा प्रचार-प्रसार करने की धारा में एफआईआर दर्ज की गई है। ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर आनंद प्रकाश तिवारी ने बताया कि छात्र की तहरीर पर दिल्ली यूनिवर्सिटी के प्रो. रतनलाल के खिलाफ रायपुरवा थाने में एफआईआर दर्ज की गई है।
डीयू के प्रोफेसर ने ज्ञानवापी मस्जिद में मिले शिवलिंग की ताजा तस्वीर के साथ कथित तौर पर अपमानजनक पोस्ट किया था। शिकायतकर्ता, कानपुर यूनिवर्सिटी के विधि छात्र ने कानपुर पुलिस कमिश्नर के सामने पेश होकर कहा था कि डॉ. रतन लाल द्वारा किया गया पोस्ट न केवल उकसाने और भड़काने वाला है, बल्कि हिंदू धर्म के अनुयायियों के बीच भावनाओं को भी भड़का रहा है। हमारा संविधान प्रत्येक नागरिक को बोलने और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता देता है, लेकिन इस अधिकार का दुरुपयोग अक्षम्य है, यह देश के सद्भाव को खतरे में डालता है और समुदाय व धर्म के आधार पर अपने नागरिकों को उकसाता है और राष्ट्र की सुरक्षा के लिए खतरा है।


