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रिटायर्ड लेखपाल के घर से अभिलेख बराद

अभिलेख गायब होने के मामले में पांच लोग हिरासत में

लेखपाल व पूर्व चेयरमैन, भूमाफिया व उसका बेटा संदिग्ध

प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। जिले में सोरांव तहसील से अभिलेख गायब करने, फर्जी कागजात से जमीन का बैनामा करने के मामले में मऊआइमा नगर पंचायत के पूर्व चेयरमैन, शोएब अंसारी, लेखपाल अशफाक, रिटायर्ड लेखपाल विनोद श्रीवास्तव व जमालुर्रशीद उर्फ काजू, उसके बेटे मो. कैफ और संजय कुशवाहा, तुषार कुशवाहा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हो गई है। पुलिस इस मामले में पांच आरोपितों को हिरासत में लेकर पूछताछ चल रही है। रिटायर्ड लेखपाल के घर से खतौनी, फर्जी बैनामा के कागजात व राजस्व अभिलेख भी बरामद किए गए हैं।
मुकदमा मऊआइमा के पूरामियां मोहल्ला निवासी रामशिरोमणि की तहरीर पर सोरांव थाने में लिखा गया है। पीडि़त का आरोप है कि मऊआइमा कस्बे का काफी समय का राजस्व अभिलेख गायब है। इससे तमाम लोगों की जमीन पर भूमाफिया काजू, उनका बेटा मो. कैफ, लेखपाल अशफाक व पूर्व चेयरमैन शोएब समेत अन्य लोग आपस में सांठगांठ करके जमीन पर कब्जा कर रहे हैं। इसके लिए वह फर्जी नाम से फर्जी कागजात व खतौनी, खसरा भी तैयार करते हैं।
आरोप है कि स्थानीय लोगों की जमीन पर कब्जा करने के बाद उसकी प्लाटिंग करके बेचते हैं। यह भी आरोप है कि जब भी तहसील स्तर पर शिकायत की जाती तो पता चलता कि मऊआइमा के राजस्व अभिलेख गायब हैं। इस कारण स्पष्ट रिपोर्ट नहीं मिलती। पीडि़त ने आरोप लगाया है कि सभी आरोपित भूमाफिया हैं, जो गरीबों की जमीनों को हड़पते हैं।
सीओ सोरांव अमिता सिंह ने बताया कि रामशिरोमणि की तरह कई अन्य लोगों ने भी इस तरह की शिकायत की थी। मामले की गोपनीय जांच कराई गई तो शिकायत सही मिली। तब शनिवार रात सीओ ने कई थाने की फोर्स के साथ मऊआइमा निवासी रिटायर्ड लेखपाल विनोद श्रीवास्तव के घर पर दबिश दी गई। छापेमारी के दौरान बोरे में खतौनी, फर्जी बैनामा, नक्शा समेत कई अन्य दस्तावेज बरामद हुए। पूछताछ के बाद पुलिस ने अन्य आरोपितों के घर में दबिश दी और फिर रविवार शाम तक कुल पांच लोगों को दबोच लिया गया। पकड़े गए अभियुक्तों में दो लेखपाल, एक रिटायर्ड लेखपाल, चेयरमैन का करीबी समेत अन्य लोग बताए जा रहे हैं। वहीं, पूर्व चेयरमैन समेत दो आरोपित अभी फरार हैं। वर्तमान समय में शोएब अंसारी की बीवी चेयरमैन है।

इनसेट….

सरगना रिटायर्ड लेखपाल है गिरोह का सरगना

प्रयागराज। फर्जीवाड़े का भंडाफोड़ होने के बाद पुलिस ने राजस्व अधिकारियों को भी थाने पर बुला लिया। इसके बाद अभिलेखों का मिलान किया जाता रहा। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि अब तक कितने लोगों के लिए जमीन का फर्जी बैनामा किया गया था और उसके जरिए किसने कितनी कमाई की है। फर्जीवाड़ा करने वाले गिरोह का सरगना रिटायर्ड लेखपाल बताया जा रहा है। वह करीब 1992 में लेखपाल पद से रिटायर्ड हुआ था। यह भी आरोप है कि उसने मऊआइमा और चकश्याम समेत कई गांवों की खतौनी गायब कर दी थी। जब कोई शख्स तहसील में जमीन बैनामा कराने के लिए जाता तो वहां यह बताया जाता था कि इस बारे में जानकारी उपलब्ध नहीं है। इसके बाद फिर बैनामा फर्जी तरीके से किया जाता था। बहरहाल, पुलिस को पूछताछ में कई और चौंकाने वाली जानकारी लगने की बात कही जा रही है। एसपी गंगापार धवल जायसवाल ने बताया कि मामले में मुकदमा दर्ज कर कुछ लोगों को पकड़ा गया है। सभी से पूछताछ की जा रही है कि किस तरह से जमीन का फर्जी बैनामा किया जाता था। अभियुक्तों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।

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