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शिकायत मिलने पर बख्शे नहीं जायेंगे भुगतान में भ्रष्टाचार या अनियमितता के जिम्मेदार-कमिश्नर

प्रयागराज। कुम्भ के उपरांत कराये जा चुके स्थायी कार्यों के रख-रखाव और कुम्भ कार्यों के भुगतान में वित्तीय अनुशासन का कड़ाई से अनुपालन किये जाने पर मण्डलायुक्त, प्रयागराज डाॅ0 आशीष कुमार गोयल ने सख्त तेवर अपनाये है।

मण्डलायुक्त ने सभी विभागाध्यक्षों को कड़े निर्देश दिये हैं कि वित्तीय वर्ष के समापन पर हर भुगतान में पूरी सतर्कता बरती जाय तथा कहीं भी वित्तीय अनियमितता न होने पाये। कमिश्नर ने कड़े लहजे में यह हिदायत देते हुए सभी विभागाध्यक्षों से कहा है कि छोटे-छोटे भुगतान में भी भ्रष्टाचार या अनियमितता की शिकायत नहीं आनी चाहिए, अन्यथा इसके जिम्मेदारों का बख्शा नहीं जायेगा।


मण्डलायुक्त ने सभी कार्यदायी संस्थाओं के प्रमुखों और विभागाध्यक्षों से कहा है कि कुम्भ कार्यों में दिये गये वर्कआर्डर/कार्यादेश से अधिक की सीमा के कोई भी भुगतान न किये जायं तथा कार्यादेश की सीमा के अन्तर्गत कराये गये कार्यों का भी शत-प्रतिशत सत्यापन करा लिये जाने के उपरांत ही भुगतान प्रस्तावित किया जाये। किसी भी प्रकार की कमी पाये जाने पर बिना उपयुक्त कटौती के भुगतान न किया जाये।

मण्डलायुक्त आज कुम्भ कार्यों से सम्बन्धित भुगतान प्रक्रिया तथा स्थिति के बारे में प्रयागराज मेलाप्राधिकरण के सभागार में सभी विभागाध्यक्षों के साथ बैठक कर समीक्षा कर रहे थे। बैठक में कुम्भ मेलाधिकारी श्री विजय किरन आनन्द तथा जिलाधिकारी, प्रयागराज श्री भानुचंद्र गोस्वामी एवं सभी विभागों के प्रमुख अधिकारी उपस्थित थे।

कड़े वित्तीय निर्देशों के साथ आज मण्डलायुक्त ने कुम्भ कार्यों में लगे सभी विभागों में बचत तथा भुगतान में कटौती की समीक्षा भी की। उन्होंने यह निर्देश दिये कि होने वाली बचतों को समय से समर्पित कर दिया जाय तथा कहीं भी कमी का उल्लेख पाये जाने पर कटौती अवश्य की जाय। प्रत्येक विभाग के भुगतान परीक्षण के दौरान कार्यों की परीक्षा रिपोर्ट के सापेक्ष कटौती का प्राविधान करते हुये ही भुगतान करने के निर्देश मण्डलायुक्त ने पहले से ही दे रखे थे, जिसकी ब्योरेवार समीक्षा आज की गयी।

मण्डलायुक्त ने कुम्भ के स्थायी कार्यों के रखरखाव की भी गहराई से समीक्षा की तथा यह सख्त हिदायत दी कि कुम्भ के लिए बनायी गयी या मरम्मत की गयी सड़कों पर किसी भी दशा में खुदाई या तोड़-फोड़ जिलाधिकारी की अनुमति के बिना किया जाना दण्डनीय होगा तथा इसके लिए जिम्मेदार विभाग तथा अधिकारी और कर्मचारी को इसकी भरपायी हर दशा में करनी पड़ेगी। इसके लिए मण्डलायुक्त ने जिलाधिकारी प्रयागराज, महाप्रबंधक जल निगम, महाप्रबंधक, गंगा प्रदूषण नियंत्रण ईकाई, मुख्य अभियंता सिंचाई तथा टेलीकाॅम क्षेत्र में काम करने वाले निजी क्षेत्र के उपक्रमों के प्रमुखों आदि को इस आशय का एक पत्र भी भेजा। कमिश्नर ने सख्त निर्देश दिये हैं कि जलकल आदि विभाग जरूरत पड़ने पर सड़कों पर की गयी कटिंग या खुदाई की मरम्मत भी तत्काल एवं उचित गुणवत्ता के साथ करें।

मण्डलायुक्त ने नगर की सड़कों और अन्य अवस्थापनाओं को लम्बे समय तक सुरक्षित रखे जाने का संकल्प अधिकारियों को स्मरण कराते हुए कहा कि कुम्भ-2019 के दौरान प्रयागराज में किये गये स्थायी निर्माण, चैड़ी की गयी सड़कों और चैराहों का रख-रखाव तथा उनकी सजावट को बनाये रखना हम सबका दायित्व है। कुम्भ मेला मद से प्रयागराज के विकास पर बड़ी धनराशि व्यय की गयी है, अतः इसे दीर्घकाल तक सुरक्षित रखना भी हमारा दायित्व है। इसे पूर्व की भांति जैसे कुम्भ के दौरान मेंटेन रखा गया था, उसी प्रकार आगे भी सुरक्षित रखा जाय। उन्होंने होली के दौरान होलिका दहन के स्थानों पर सड़क की चारकोल के जल जाने और बिजली के तारों इत्यादि के क्षतिग्रस्त हो जाने की सूचनाओं पर चिंता जताते हुए नगर के हर क्षेत्र में ऐसे स्थलों की तत्काल मरम्मत कराने के निर्देश नगर निगम, प्रयागराज विकास प्राधिकरण और लोक निर्माण विभाग को दिये।

मण्डलायुक्त ने इस बात के भी कड़े निर्देश दिये कि कुम्भ के दौरान जिन अवस्थापनाओं के विकास से नगर को सुन्दर बनाया गया है उन्हें नगर की सुन्दरता के प्रयोग में ही लाया जाय तथा किसी भी वस्तु को किसी कार्यालय अथवा निजी आवास पर न लगाया जाय। मण्डलायुक्त ने उद्यान विभाग को निर्देश देते हुए कहा कि गर्मी के आगामी मौसम में भी सड़कों पर रखे गये गमले हरे भरे रखे जायं। गर्मी आते ही कुम्भ के दौरान लगाये गये गमलों के पौधे सूखने लगे हंै, ये स्थिति अत्यंत आपत्तिजनक है। उन्होंने इस स्थिति पर अप्रसन्नता जाहिर करते हुए सम्बन्धित ठेकेदार के भुगतान से कटौती करने के निर्देश भी दिये तथा यह हिदायत दी कि गमलों को निरंतर हरा-भरा रखा जाय एवं एक भी गमला सूखने न पाये। कुम्भ के दौरान लगाये गये एसेट्स तथा प्रयोग की गयी परिसम्पत्तियों को शहर की स्वच्छता एवं सुविधा के क्षेत्रों में पुनः उपयोग में लाने का निर्देश दिया।

उन्होंने मेले में उपयोग किये गये स्ट्रीट लाईटों, डस्टबिनों, टिपर और काम्पैक्टर गाड़ियों को आवश्यकतानुसार नगर की स्वच्छता बनाये रखने हेतु उपयोग में लाने का निर्देश दिया। उन्होंने स्वच्छता से जुड़े विभागों को उनकी जिम्मेदारी याद दिलाते हुये कहा कि कुम्भ के बाद नगर को भी पूर्ववत स्वच्छ बनाये रखना हमारी जिम्मेदारी है। मण्डलायुक्त ने नगर के पूर्वी प्रवेश मार्ग पर किये गये चैड़ीकरण और सुन्दरीकरण को यथावत बनाये रखने के निर्देश देते हुए कहा कि अंदावा से शास्त्रीब्रिज तक जिस प्रकार स्वच्छता और सुन्दरता मेले के दौरान रखी गयी थी, उसे हमेशा बनाये रखा जाय।

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