ऐतिहासिक नीम के पेड़ के नीचे शहीदों को नमन किया गया

प्रयागराज। 18 57 में आज के दिन 7 जून को अंग्रेजों से आजाद हो गया था। मौलवी लियाकत अली और रामचन्द्र ने हिंदू और मुस्लिमों की अगुवाई करके जन विद्रोह के जरिए आजाद करा लिया था।
लाकडाउन के चलते पहली आजादी महोत्सव इस बार परंपरागत रूप से नहीं बनाया जा सका किंतु इसके बावजूद आज भारत भाग्य विधाता समूह में ऐतिहासिक नीम के पेड़ के नीचे उन 7 सो निर्दोष लोगों को नमन किया जिन्हें अंग्रेजों ने कुछ ही घंटे फासी पर लटका दिया था।
इतिहास में प्रयागराज के इन सुनहरे पन्नों को इसलिए दफन कर दिया गया क्योंकि इस विद्रोह में सनातन का नारा दिया गया था। जिसके जरिए हिंदू और मुस्लिम दोनों एक हो गये।
अंग्रेजो के खिलाफ जुर्म में सीना तान कर खड़े हो गए 7 जून को अंग्रेजों से 30 लाख रुपया भी भारतीयों ने छीन लिया। जो बाद में विद्रोह में काम आया आज के दिन प्रयागराज की आजादी का पहला दिन शहीदवाल पर शहीदों को नमन भी किया गया कार्यक्रम में डाक्टर प्रमोद शुक्ला अजय शर्मा अरविंद गुरुजी प्रमुख रूप से थे सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए एक-एक करके माल्यार्पण किया और शहीदों को नमन किया



