लोकमंगल की भावना का हो मीडिया का उद्देश्य: प्रो. सिंह
मुक्त विश्वविद्यालय में पत्रकारिता पर राष्ट्रीय वेबीनार का आयोजन
प्रयागराज। पत्रकारिता का उद्देश्य समाज मे सूचना एवं जागरूकता फैलाने के साथ-साथ लोकमंगल की भावना का विकास करना है। लोकमंगल की भावना ही मीडिया की नैतिकता की रक्षा कर सकती हैं।
मीडिया की दृढ़ता और सत्यता समाज के लिए हितकर प्राचीन काल से ही पत्रकारिता जनहित और जागरूकता का साधन रही है।
यह बातें उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. कामेश्वर नाथ सिंह ने कहीं। कोविड -19 महामारी के दौरान मीडिया की नैतिकता विषयक राष्ट्रीय वेबीनार में प्रो. सिंह ने सोशल मीडिया द्वारा समाज में फैलाए जा रहे कटुता एवं अविश्वास पर चिंता जताई।
कहा, यह स्थिति निश्चित तौर पर समाज हित तथा देश हित के लिए घातक है।
मुख्य अतिथि माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय, भोपाल के पूर्व कुलपति जगदीश उपासने ने कहा कि मीडिया का काम सिर्फ सूचना देना नहीं है बल्कि समाज को जागृत एवं प्रेरित करना है।
मूल्यों का संरक्षण एवं भारत के हितों का संवर्धन मीडिया का नैतिक दायित्व है। मुख्य वक्ता पाञ्चजन्य के पूर्व संपादक तथा राज्यसभा सांसद तरुण विजय ने कहा कि भारत, भारतीयता और भारतीय जन की रक्षा, सुरक्षा और हित के लिए आवश्यक है कि मीडिया एक पक्षीय खबरें ना प्रसारित करें।
इससे पूर्व अतिथियों का स्वागत तथा संचालन डॉ. सतीश चंद्र जैसल तथा विषय प्रवर्तन डॉ. साधना श्रीवास्तव ने किया ने किया। वेबीनार में डॉ. धनंजय चोपड़ा, डॉ. दिग्विजय सिंह राठौर, डॉ. सुनील कुमार, डॉ. नीरज सचान, डॉ. अनिल पांडे, डॉ. नलिनी सिंह, प्रशांत कुमार, मेराज तथा डॉ. योगेंद्र पांडे आदि ने प्रतिभाग किया। पत्रकारिता के इस सफल वेबीनार में करीब 12 सौ प्रतिभागी ऑनलाइन जुड़े रहे। धन्यवाद ज्ञापन मानविकी विद्या शाखा के निदेशक प्रो. आरपीएस यादव ने किया।

