चाईना प्रकरण पर श्वेतपत्र जारी करे केंद्र सरकार- रेवती रमण

प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )। जहाँ ना पहुंचा राशन, वहाँ पहुंचा दिया भाषण, जहाँ देने चाहिए थे खर्चे, वहाँ बाँट दिए पर्चे। प्रयागराज 17 जून।
राज्यसभा सांसद कुवंर रेवती रमण सिंह ने गलवान मे चीनी और भारतीय सैनिकों की झड़प में शहीद हुए भारतीय सैनिकों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए केंद्र की मोदी सरकार की विदेश नीति की निंदा करते हुए कहा कि जिस तरह से विगत पांच साल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लगातार विश्व भ्रमण कर जनता को मैसेज दिया कि पूरे विश्व से उनका दोस्ताना और दबदबा हैंअब धीरे-धीरे उसकी कलई खुलने लगीं हैं अभी तक तो सिर्फ पाकिस्तान था अब चाईना, नेपाल भी भारत विरोधी और हिंसक हो गए।
उन्होंने कहा कि 45साल में पहली बार इस तरह की हिंसक झड़प दोनों सेनाओं के बीच हुई जिसमें सीओ सहित 20 भारतीय सैनिकों के शहीद होने की अभी खबर है आगे संख्या और हो सकती हैं ।
चाईना लगातार लद्दाख,सिक्किम,अरुणाचल प्रदेश में दोनों देश के सीमाओं के बीच 4-6 किमी का बफरजोन होता हैं उस पर कब्जा कर लिया है और भारतीय धरती पर अतिक्रमण करता आ रहा है अब चाईना के शह पर नेपाल भी भारतीय गांव को अपने मे कब्जे में करने के लिए अपनी संसद से पास करा लिया हैं इसलिए भारत सरकार पडो़सी देशों पर एक श्वेत पत्र लाये और सदन के पटल पर रखें।
सासंद कहा कि इस पूरे प्रकरण में प्रधानमंत्री, विदेश मंत्री, रक्षा मंत्री सभी चुप्पी साधे हुए हैं
और सीडीएस विपिन रावत ऐसे तो बहुत बोलते थे पर जब बोलना चाहिए तो चुप्पी और इनके बारे में सेना के कई जवानों और अफसरों से वार्ता के बाद यह बात सामने आई कि सीडीएस विपिन रावत आर्मी चीफ रहते हुए और अब भी सेना के जवानों और अफसरों की वर्षों से चली आ रही सुविधाओं में कटौती के पक्षधर रहे हैं जिससे सेना के जवानों और अफसरों का मनोबल दबा हैं।
पूर्व सपा प्रदेश प्रवक्ता विनय कुशवाहा ने यह बताते हुए कहा कि जब जब मोदी सरकार पर संकट के बादल आते हैं तो उसको हटाने के लिए उनके दोस्त सामने आ जाते है । 2019 के लोकसभा चुनाव के ठीक पहले पुलवामा हमला होता हैं कितने जवान शहीद हो जाते हैं और दुबारा मोदी सरकार बन जाती हैं ।अब कोरोना काल मे मोदी सरकार की अदूरदर्शिता जिससें लाखों मजदूर परिवार सहित रोजगार धन्धा छोड़ कर पैदल चलने को मजबूर हुए तब सिर्फ 500 संक्रमित थे तो लाकडाउन और अब जब संक्रमित मरीजों की संख्या लाखों मे हैं तो लाकडाउन अप मोदी सरकार की विफलता व अदूरदर्शिता थीः साथ में पेट्रोल -डीजल के दाम में लगातार वृद्धि से जनता मे रोष व्याप्त हो रहा था कि लद्दाख में सैनिक शहीद हो जाते हैं तो देशभक्ति ऊपर हो गई अब कोई इस समय महंगाई की बात करें तो देशद्रोही हो जाय मतलब जब जब सैनिक शहीद हो मोदी जी की ख्याति और वोट बैंक बढें। लेकिन इस बात को कौन बतायेंगा कि बिरयानी खाने आप जाते हो तो गोली जवान क्यों खायें , 6 बार चीन घूमने आप गये और वर्तमान चीनी राष्ट्रपति के साथ साबरमती तट पर झूला आप झूलते हो तो बार्डर पर पत्थर सैनिक क्यों खायें।
जहाँ ना पहुंचा राशन, वहाँ पहुंचा दिया भाषण, जहाँ देने चाहिए थे खर्चे, वहाँ बाँट दिए पर्चे.।




