घर से बाहर निकलने वालों की हो जांच हाईकोर्ट ने कहा, बढ़ानी होगी सिस्टमेटिक टेस्टिंग

प्रयागराज ( अनुराग दर्शन समाचार) । कोरोना संक्रमण से निपटने के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कई सुझाव दिए हैं। साथ ही सरकार को उन पर विचार करने और ब्लू प्रिंट बनाकर पेश करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा कि केवल उसी व्यक्ति को बाहर जाने की छूट हो, जो जांच में संक्रमित न पाया गया हो।
साथ ही सिस्टमेटिक टेस्टिंग बढ़ानी होगी। प्रयागराज को मॉडल के रूप में लेकर वार्डवार काम से बाहर निकलने वाले प्रत्येक परिवार के व्यक्ति की जांच की जाए और पॉजिटिव पाए जाने पर परिवार को घर में या सेंटर में क्वारेंटीन किया जाए।
कोरोना जांच की यह व्यवस्था प्रत्येक पांच वार्ड पर की जाए। कोर्ट ने वार्डों में जांच मशीन स्थापित करने के लिए सहायक सॉलिसीटर जनरल से आईसीएमआर से जानकारी लेने को कहा है।
यह आदेश न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा एवं न्यायमूर्ति अजित कुमार की खंडपीठ ने कोरोना पीडि़तों का इलाज कर रहे अस्पतालों व क्वारेंटीन सेंटरों की सुविधाओं को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है।
कोर्ट ने राज्य सरकार के कदमों की सराहना की है लेकिन इसे पर्याप्त नहीं माना है। कोर्ट ने कहा कि लोग कोरोना संक्रमण के भय में रह रहे हैं। घर से बाहर निकले प्रत्येक व्यक्ति के कोरोना लेकर आने का अंदेशा रहता है। बाहर निकला कौन सा व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव है, इसका पता लगाया जाना जरूरी है।
इससे पहले कोर्ट ने सरकार से टेस्टिंग में खर्च आदि की जानकारी मांगी थी। अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल ने बताया कि एक व्यक्ति की जांच में ढाई हजार रुपये का खर्च आएगा। प्रदेश में मेडिकल टीमें अब तक 94,63,756 घरों में जांच के लिए पहुंच सकी हैं।
4,82,71,852 लोगों से संपर्क किया जा सका है। प्रदेश में कोरोना पीडि़तों के बेहतर इलाज व टेस्टिंग के लिए 1865 अस्पतालों को चिह्नित किया गया है। 17ऽ6 लाख मजदूरों के टेस्ट किए गए हैं, जिनमें 3950 कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। उनका इलाज चल रहा है।
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उद्योगपति करे आर्थिक मदद, सरकार दे टैक्स में छूट
प्रयागराज। कोर्ट ने सिस्टमेटिक टेस्टिंग के लिए घर जाकर परिवार के एक व्यक्ति की जांच करने का सुझाव दिया है क्योंकि सेंटर में भीड़ से संक्रमण बढने की आशंका है। कोर्ट ने कहा कि सरकार या प्राइवेट कंपनी से वेतन ले रहे लोग अपनी जांच के साथ आर्थिक रूप से कमजोर एक व्यक्ति की जांच का खर्च उठाएं। व्यापारी व उद्योगपति सरकार को आर्थिक सहायता दें और सरकार उन्हें टैक्स छूट दे। गरीबों की सरकार जांच कराए और उनके इलाज की व्यवस्था करे। कोर्ट ने कहा कि प्रयागराज शहर में बाहर से आने वाले हर व्यक्ति की जांच की जाए। वार्डवार सूची तैयार की जाए तथा 15 दिन बाद दोबारा जांच हो। उसके बाद एक महीने बाद जांच की जाए। कोर्ट ने कहा कि सरकार सुझावों पर विचार करे और अमल में लाने के लिए ब्लू प्रिंट तैयार कर कार्यवाही करे। यदि प्रयागराज में प्रयोग सफल होता है तो इसे सभी जिलों में लागू किया जाए।



