निजीकरण और बेरोजगारी के विरोध में हुंकार
प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। संविदा विनियमितिकरण नियमावली -2020 और कई विभागों का निजीकरण, पचास वर्ष पूर्ण किए कर्मचारियों कि छटनी, नवीन कृषि अध्यादेश अधिनियम-विधेयक का विरोध करते हुए वैचारिक शिक्षक संघ ने हुंकार भरी। वैचारिक शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. ज्ञान प्रकाश सिंह समेत सभी पदाधिकारियों ने निजीकरण और संविदा विनियमितिकरण का खुल कर विरोध कर रहे नौजवानों, युवाओं की मांग का समर्थन किया। संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. ज्ञान प्रकाश सिंह ने कहा कि सरकार पांच वर्ष सही दिशा में कुछ भी काम नहीं कर सकी, बेरोजगारी चरम पर है, कर्मचारियों और आम आदमी का खुल कर शोषण हो रहा है। श्री नारायण पटेल ने कहा कि नौजवानों, कर्मचारियों का शोषण बन्द हो वरना जनांदोलन किया जाएगा। दिनेश कुमार वर्मा ने कहा कि कर्मचारियों में बहुत आक्रोश है। यदि निजीकरण बन्द नहीं हुआ तो सारे कर्मचारी सड़क पर उतरने को बाध्य हो जाएंगे। बैठक में अजीत सिंह, भूपेन्द्र सिंह, अमरेन्द्र सिंह, गोपेश पाल, लालमणि सिंह, बिनोद कुमार सिंह, नवनीत यादव, देवराज सिंह, सूर्यबली गुप्ता, विजय कुमार शर्मा आदि मौजूद रहे।



