ऑडी कम्पनी के निदेशक की गिरफ्तारी पर रोक
प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ऑडी ब्रांड की कारों में चीट डिवाइस लगाकर धोखाधड़ी करने के मामले में कम्पनी के निदेशक की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है।
चीट डिवाइस लगाकर धोखाधड़ी करने का मामला
कोर्ट ने कहा कि कम्पनी निदेशक की गिरफ्तारी पर रोक पुलिस रिपोर्ट दाखिल करने तक लगी रहेगी और वह विवेचना में पुलिस का सहयोग करेगा। यह आदेश न्यायमूर्ति बी अमित स्थलकर एवं न्यायमूर्ति शेखर कुमार यादव की खंडपीठ ने स्कोडा आटो फॉक्सवैगन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड की याचिका पर दिया है। कोर्ट ने प्राथमिकी रद्द करने की मांग अस्वीकार कर याचिका खारिज कर दी है।
कम्पनी के निदेशक के खिलाफ 10 जुलाई 2020 को आईपीसी की धारा 34, 471, 467, 468, 419, 420 व 406 के तहत गौतमबुद्ध नगर के नोएडा सेक्टर 20 थाने में दर्ज कराई गई है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि उसने कम्पनी के आधिकारिक एजेंट के माध्यम से ऑडी ब्रांड की सात कार करोड़ों रुपये में खरीदीं। उसे बताया गया कि कम्पनी ने इन कारों में कोई चीट डिवाइस नहीं लगाई है। बाद में एनजीटी के सात मार्च 2019 के आदेश से पता चला कि कम्पनी ने इन कारों में चीट डिवाइस लगा रखा है और इस कारण बहुत कम उत्सर्जन (एमिशन) है। ट्रिब्यूनल ने इस धोखाधड़ी के लिए कम्पनी पर 500 करोड़ का क्षतिपूर्ति व मुआवजे का आदेश दिया, जिसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है। सुप्रीम कोर्ट ने उत्पीडऩात्मक कार्रवाई पर रोक लगा रखी है।


