दुष्कर्म के आरोपियों को नहीं मिली राहत अश्लील तस्वीरें व वीडियो मामला, जमानत खारिज
नौकरी का झांसा देकर महिला से दुष्कर्म का मामला
प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नौकरी का झांसा देकर महिला के साथ दुष्कर्म करने और उसकी अश्लील तस्वीरें व वीडियो बनाने के आरोपियों को राहत देने से इनकार करते हुए उनकी याचिका खारिज कर दी है। यह आदेश न्यायूर्ति रमेश सिन्हा एवं न्यायमूर्ति समित गोपाल की खंडपीठ ने खीरी प्रयागराज के समुंदर पांडेय व अन्य की याचिका खारिज करते हुए दिया है। आरोपियों ने प्राथमिकी रद्द करने और गिरफ्तारी पर रोक लगाने की मांग की थी।
पीडि़ता ने याचियों के खिलाफ खीरी थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है कि वह एक गरीब और अनपढ़ महिला है। इसका फायदा उठाकर आरोपी समुंदर पांडेय और उसके भाई सूर्यमणि पांडेय ने उसे नौकरी दिलाने का झांसा देकर शारीरिक संबंध बना लिए और धोखे से उसकी अश्लील फोटो व वीडियो बना ली। इसके बाद उसे वायरल करके बदनाम करने की धमकी देकर उस पर उसकी जमीन को बेचने का दबाव बनाने लगे। इस काम में दोनों आरोपियों की पत्नियां ममता पांडेय और शकुंतला पांडेय भी उनका साथ दे रही हैं। कोर्ट ने मामले की तथ्यों और परिस्थितयों को देखते हुए याचियों को राहत देने से इनकार करते हुए याचिका खारिज कर दी।




