प्लास्टिक रूपी जिन्न को बोतलों मे कैद करें -राकेश जैन

(विनय मिश्रा ) प्रयागराज ( अनुराग दर्शन समाचार । रानी रेवती देवी सरस्वती विद्या निकेतन इंटर कॉलेज, राजापुर, प्रयागराज के संगीताचार्य मनोज गुप्ता की सूचनानुसार विद्यालय में पर्यावरण संरक्षण गतिविधि के अंतर्गत काशी प्रांत द्वारा पर्यावरण के क्षेत्र में कार्य करने वाले विभिन्न एन जी ओ सहित एक कार्यक्रम आयोजित किया गया । जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में पर्यावरण गतिविधि के अखिल भारतीय संयोजक राकेश जैन ने बताया कि हमें जल जमीन जंगल ,जानवर व जन की सुरक्षा करने के लिए पर्यावरण के प्रति सजगता बहुत आवश्यक है l इस संदर्भ में उन्होंने प्लास्टिक से होने वाले प्रदूषण का विस्तार से जिक्र किया और कहा कि प्लास्टिक आज सभी के लिए समस्या बन गया है । इसलिए प्लास्टिक जैसे जिन्न को बोतलों में कैद करें और इको ब्रिक्स बनाकर उसका अन्य कार्यों में उपयोग करें। साथ ही साथ उन्होंने जल की बर्बादी को रोकने के लिए समाज के लोगों को सचेत किया और अधिक से अधिक पेड़ लगाने के लिए और वृक्षों की सुरक्षा के लिए आवाहन किया। विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित प्रांत संयोजक कृष्ण मोहन ने कहा कि प्लास्टिक रूपी विश्वव्यापी जटिल समस्या के समाधान का नाम है “इको ब्रिक्स”,इको ब्रिक्स बना करके हम पंचतत्व की शुद्धता को बनाए रखने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं । जो संपूर्ण प्राणी जगत के कल्याण के मार्ग को प्रशस्त करेगा। प्रधानाचार्य बांके बिहारी पांडे ने उपस्थित छात्र छात्राओं से आह्वान किया कि आप सब स्वयं और अपने परिवार जनों को भी इस बारे में जागरूक करें ताकि यह पर्यावरण संरक्षण सार्थक हो सके l इसी के साथ-साथ उन्होंने आए हुए अतिथियों का स्वागत एवं धन्यवाद ज्ञापन किया। अंत में कार्यक्रम में उपस्थित सभी छात्र छात्राओं के साथ साथ शिक्षक एवं शिक्षिकाओं ने भी ईकोब्रिक्स बनाएंगे ,पर्यावरण बचाएंगे, स्वच्छ भारत स्वस्थ भारत बनाएंगे का संकल्प लिया। अतिथियों का परिचय शिवजी राय ने तथा कार्यक्रम का कुशल संचालन मानसिंह यादव ने किया l कार्यक्रम में ललित जी पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र के पर्यावरण प्रमुख, कृष्ण मोहन संयोजक काशी प्रांत पर्यावरण गतिविधि, राकेश मिश्र सह संयोजक पर्यावरण गतिविधि काशी प्रांत, जी पी राकेश सहसंयोजक पर्यावरण गतिविधि काशी प्रांत, डॉक्टर मयंक आनंद,अतुल जी आशुतोष जी के साथ-साथ समस्त शिक्षक एवं शिक्षिकाएं प्रमुख रूप से उपस्थित रहे ।



