मानक के अनुसार क्यों नहीं बन रहा राजमार्ग हाईकोर्ट ने एनएचएआई चेयरमैन से जवाब मांगा

प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने यूपी-बिहार सीमा पर नेपाल से निकलने वाली नारायणी नदी के बाढ़ के कहर से निजात दिलाने के लिए सड़क को मानक के अनुरूप ऊंचा करने की योजना को अमल में न लाने पर राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के चेयरमैन से जवाब मांगा है।
पूछा है कि मानक के अनुसार राजमार्ग ऊंचा कर क्यों नहीं बनाया जा रहा है। याचिका की सुनवाई 23 अप्रैल को होगी।
यह आदेश मुख्य न्यायाधीश गोविंद माथुर तथा न्यायमूर्ति एसएस शमशेरी की खंडपीठ ने कुशीनगर के अमित प्रताप सिंह व सात अन्य की जनहित याचिका पर दिया है। याचीगण का कहना है कि राजमार्ग काफी ढलान लिए है। राजमार्ग प्राधिकरण ने इसे ऊंचा करने को मंजूरी दे दी है। इसके बावजूद निर्माण नहीं किया जा रहा।
इसके कारण हर साल लाखों लोग बाढ़ की विभीषिका झेलते हैं। फसलों का भारी नुकसान होता है। हजारों लोगों को विस्थापित होना पड़ता है। कोर्ट ने कहा कि राजमार्ग का मानक के अनुसार निर्माण न करना कानून के साथ अनुच्छेद-21 के तहत जीवन के मूल अधिकारों का उल्लंघन है। कोर्ट ने उठाये गये कदमों की जानकारी के साथ चेयरमैन से हलफनामा मांगा है।




