शंकरगढ़ जल निगम कर्मियों के हड़ताल पर जाने से नलकूपों का संचालन ठप नगर में पानी का संकट

शंकरगढ़,प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। जल निगम शंकरगढ़ के संविदा कर्मियों को पिछले कई माह से बकाया वेतन भुगतान व वेतन बढ़ाने को लेकर कर्मचारी पूर्व नियोजित कार्यक्रम के तहत बुधवार से हड़ताल कर धरने पर बैठे। जल निगम शंकरगढ़ के कर्मचारियों को पिछले 10 वर्षों से केवल पैतिस सौ रुपए प्रति माह वेतन दिया जा रहा है। संविदा कर्मी वेतन बढ़ाने की बात पिछले कई वर्षों से उच्च अधिकारियों से कर रहे हैं । उच्च अधिकारियों द्वारा बात न माने जाने पर कर्मचारियों ने आंदोलन की राह पकड़ ली है। जल निगम के संविदा कर्मचारियों का कहना है कि सरकार द्वारा मनरेगा मजदूरों को लगभग दो सौ रुपया तथा नगर निकाय में लगभग दस हजार रुपया की दर से मजदूरी दी जा रही है लेकिन हम लोगों को केवल पैंतीस सौ रुपया ही मिल रहा है। हम लोगों के समक्ष इतने कम वेतन में परिवार चलाना मुश्किल है। संविदा कर्मियों की मांग है कि जब तक ₹8000 प्रति माह की दर से वेतन नहीं दिया जाएगा तब तक हम लोग काम नहीं करेंगे। जलनिगम के संविदा कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से नगर पंचायत में जल निगम द्वारा की जाने वाली जलापूर्ति पूरी तरह से ठप हो गई है । साथ ही साथ नलकूपों का संचालन भी ठप है।शंकरगढ़ जल निगम का संचालन भगवान भरोसे चल रहा है। नगर की पेयजल समस्या , कर्मचारियो की वेतन की समस्या, शंकरगढ़ नारीबारी की नई पाइप लाइन के लिए शासन द्वारा पैसा न मिलना, राम सागर तालाब का दो वर्षो से खराब नलकूप को ठीक कराने में भूमि की समस्या आदि समस्यायों के निराकरण के लिए प्रशासन का कोई भी अधिकारी झांकने तक नहीं आता।



