महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने शंकराचार्य स्वामी नरेन्द्रानन्द जी महाराज से लिया आशिर्वाद

भारत को “सनातन वैदिक हिन्दू राष्ट्र ” घोषित करे- शंकराचार्य स्वामी नरेंद्रानंद जी
कोल्हापुर (अनुराग दर्शन समाचार )। आज महाराष्ट्र के शिवाजी विश्वविद्यालय-कोल्हापुर में आयोजित सन्त साहित्य सम्मेलन में महाराष्ट्र के महामहिम राज्यपाल श्री भगत सिंह कोश्यारी जी ने सनातन धर्म के सर्वोच्च धर्मगुरु श्री काशी सुमेरु पीठाधीश्वर अनन्त श्री विभूषित पूज्य जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी नरेन्द्रानन्द सरस्वती जी महाराज से आशिर्वाद प्राप्त किया |
इस अवसर पर पूज्य शंकराचार्य जी महाराज ने कहा कि सनातन धर्म के कमजोर होने से आज विश्व मानवता को भयंकर खतरा उत्पन्न हो गया है | एकमात्र सनातन ही विश्व मांगल्य की कामना करता है | दुर्भाग्य से भारत में ऐसी शिक्षा प्रणाली लागू की गई है, जो सनातन धर्म, परम्परा,अपनी सनातन संस्कृति एवम् अपने ही गौरवशाली इतिहास के प्रति भारत के जनमानस में हीनता की भावना पैदा कर रही है | भारत सरकार को तत्काल देश में समान शिक्षा नीति लागू करनी चाहिए | बच्चों में प्रारम्भिक शिक्षा से ही अपनी संस्कृति, सभ्यता, परम्परा एवम् अपने गौरवशाली इतिहास पर गर्व की अनुभूति हो, ऐसे पाठ्यक्रम विद्यालयों में पढ़ाया जाना अनिवार्य किया जाना चाहिए | पूज्य शंकराचार्य जी महाराज ने यह भी कहा कि देश में सुख-शान्ति एवम् समृद्धि के लिये तत्काल सरकार देश में “हम दो,हमारे दो,तो सबके दो” की नीति को कड़ाई से लागू करते हुए देश में “समान नागरिक संहिता ” का कानून लागू करे | इसके साथ ही प्रयागराज की धर्म संसद में पूज्य सन्तों द्वारा दिये गये धर्मादेश के अनुसार भारत को “सनातन वैदिक हिन्दू राष्ट्र ” घोषित करे |




