एडीएम सिटी पर लगे आक्सीजन ब्लैक मार्केटिंग के आरोप को हाई कोर्ट में सरकार ने नकारा

प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। गाजियाबाद के आक्सीजन सिलिंडर की दिल्ली और हरियाणा में अवैध आपूर्ति व ब्लैक मार्केटिंग करने के आरोप मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट ने जांच रिपोर्ट के साथ जिलाधिकारी से दो हफ्ते में व्यक्तिगत हलफनामा मांगा है। यह आरोप गाजियाबाद के एडीएम सिटी शैलेंद्र सिंह के खिलाफ लोनी से बीजेपी विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने लगाया है। अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल ने जिले से प्राप्त जानकारी के आधार पर याची के आरोपों को निराधार करार दिया है। अपर महाधिवक्ता ने कहा है कि गाजियाबाद के 35 कोविड अस्पतालों में से किसी ने आक्सीजन आपूर्ति न होने की शिकायत नहीं की। लोनी के 12 बेड के एकमात्र कोविड अस्पताल ने भी आक्सीजन आपूर्ति को लेकर कोई शिकायत नहीं की है। ऐसे में याची की शिकायत मनगढंत व निराधार है। कोर्ट ने अपर महाधिवक्ता द्वारा दी गई जानकारी को हलफनामे के तहत दाखिल करने का निर्देश दिया है। याचिका की सुनवाई सात जून को होगी। यह आदेश न्यायमूर्ति सुनीता अग्रवाल व न्यायमूर्ति साधनारानी ठाकुर की खंडपीठ ने लोनी के विधायक नंदकिशोर गुर्जर की जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए दिया है।
याचिका में एडीएम सिटी पर ब्लैक मार्केटिंग करने तथा दिल्ली व हरियाणा में अवैध रूप से आक्सीजन सिलिंडर भेजने का आरोप लगाते हुए उच्च स्तरीय अथवा सीबीआइ जांच कराने की मांग की गयी है। याची का कहना है कि गाजियाबाद में आक्सीजन की कमी के कारण कोविड मरीजों की मौत हो गई। वहीं, जिस अधिकारी पर जिले में आक्सीजन आपूर्ति की जिम्मेदारी है वह ब्लैक मार्केटिंग में लिप्त है।
हालांकि राज्य सरकार ने आरोपों को नकार दिया है। जिलाधिकारी गाजियाबाद ने एसएसपी को याची द्वारा एक मई को भेजी गयी शिकायत पर जांच बैठा दी है। मुख्य विकास अधिकारी अस्मिता लाल को जांच सौंपी गई है। उसकी रिपोर्ट अभी आनी है। इस पर कोर्ट के कहा कि जो बातें सरकार की तरफ से बताई गई हैं, उसे जिलाधिकारी हलफनामे के जरिए कोर्ट मे दाखिल करें।
सरकार का यह भी कहना है कि आक्सीजन आपूर्ति केंद्र सरकार कर रही है। जिले में वितरण की निगरानी के लिए एडीएम सिटी, सीएमओ व संयुक्त आयुक्त जिला उद्योग सेंटर की तीन सदस्यीय कमेटी गठित की गई है। आक्सीजन सिलिंडर आपूर्ति एजेंसी द्वारा सीधे अस्पताल को की जाती है। लोगों की मदद के लिए कंट्रोल रूम बना है, जो 24 घंटे कार्यरत है। किसी ने भी कंट्रोल रूम को शिकायत नहीं की है। केवल याची ने एसएसपी को शिकायत की है उसकी जांच की जा रही है।


