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पीआरएसयू: एक विषय के तीन प्रश्नपत्र के बजाय एक पेपर की परीक्षा

स्नातक के प्रोन्नत छात्रों को देनी होगी द्वितीय वर्ष की परीक्षा

प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। प्रो. राजेंद्र सिंह (रज्जू भय्या) विश्वविद्यालय (पीआरएसयू) की स्नातक द्वितीय, तृतीय एवं परास्नातक अंतिम सेमेस्टर की परीक्षाएं 15 जुलाई के बाद ऑफलाइन मोड में कराने की तैयारी है। शुक्रवार को कुलपति प्रो. अखिलेश कुमार सिंह की अध्यक्षता में परीक्षा समिति की बैठक हुई। बैठक में परीक्षा को लेकर कई पहलुओं पर विस्तार से चर्चा हुई।
प्रो. सिंह ने बताया कि स्नातक में एक विषय के तीन प्रश्नपत्र के बजाय एक पेपर की परीक्षा कराने पर सहमति बनी। इसके साथ ही परीक्षा की समयावधि भी तीन घंटे से घटाकर डेढ़ घंटे करने पर चर्चा हुई। ताकि कोरोना काल में छात्र-छात्राओं को परीक्षा देने के लिए कम से कम दिन और समय परिसर में आना पड़े। परीक्षा समिति में यह भी चर्चा हुई्र कि प्रश्नपत्र में कितने प्रश्न होंगे। इसमें कितने बहुविकल्पी और अतिलघु उत्तरीय प्रश्न पूछे जाएंगे। इसपर निर्णय नहीं हो सका। इसके लिए आगमी दिनों में दोबारा परीक्षा समिति की बैठक बुलाई गई है। कुलपति प्रो. सिंह ने बताया कि शासनादेश के अनुसार शैक्षिक सत्र 2019-20 में प्रथम वर्ष से प्रोन्नत हुए छात्रों को द्वितीय वर्ष की परीक्षा देनी होगी। यानी जुलाई में होने वाली परीक्षा में स्नातक द्वितीय एवं तृतीय वर्ष के छात्रों को जहां ऑफलाइन मोड में परीक्षा देनी होगी, वहीं परास्नातक के अंतिम सेमेस्टर के छात्रों को भी परीक्षा देनी होगी। प्रो. सिंह ने बताया कि स्नातक प्रथम वर्ष में 1.26 लाख और पीजी के 35 हजार छात्रों को परीक्षा नहीं देनी होगी। यानी 1.61 लाख छात्र-छात्राएं अगली कक्षा में प्रमोट किए जाएंगे। वहीं स्नातक द्वितीय वर्ष के 1.20 लाख और तृतीय वर्ष 1.11 लाख और परास्नातक 40 हजार छात्रों को परीक्षा देनी होगी। यानी 2.71 लाख छात्र-छात्राओं को परीक्षा देनी होगी।

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