अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष एवं निरंजनी अखाड़े के महंत नरेंद्र गिरी महाराज निधन पर प्रयाग तीर्थ पुरोहितों ने दी, श्रद्धांज

प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )। तीर्थ पुरोहित प्रयागवाल वाहिनी के तत्वावधान में अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष एवं निरंजनी अखाड़े के महंत नरेंद्र गिरी महाराज के आकस्मिक निधन होने पर प्रयाग तीर्थ पुरोहितों ने दी, श्रद्धांजलि | यमुना बैंक रोड स्थित वाहिनी के स्थाई कार्यालय ओमकारेश्वर मंदिर पर सायंकाल 5 बजे से श्रद्धांजलि सभा प्रारंभ हुई, शोक सभा की अध्यक्षता वाहिनी के संयोजक श्रवण कुमार शर्मा ने किया, शोक सभा में उपस्थित प्रयागवाल सभा के पूर्व अध्यक्ष चन्द्रनाथ चकहा मधु ने कहा कि महंत नरेंद्र गिरी प्रयाग की शान थे। उन्होंने विभिन्न तरीकों से प्रयाग को सम्मान दिलाया है जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकेगा, उन्होंने कहा कि लगभग तीस वर्ष के सम्बन्ध में जब जब उनके पास किसी सहायता के लिये पहुंचे उन्होंने हमेशा आगे आकर तीर्थ पुरोहित समाज का सहयोग किया, अखिल भारतीय तीर्थ पुरोहित महासभा के राष्ट्रीय मंत्री माधवानन्द शर्मा ने कहा कि महंत नरेंद्र गिरी जी बड़े हिम्मत वाले थे वो आत्म हत्या नही कर सकते यह एक साजिश का हिस्सा है. सरकार से अनुरोध है कि पूरी गम्भीरता से इस मामले की जांच कर दोषीयों को सजा दिलाये. महंत नरेंद्र गिरी जी प्रयाग के नगर कोतवाल श्री हनुमान जी महाराज के प्रमुख महंत थे. उनसे लाखों लोगों की आस्था का जुड़ाव था. वाहिनी के अध्यक्ष अमितराज वैद्य ने कहा कि जब प्रयागवाल वाहिनी का निर्माण हुआ, तो मै हनुमान जी के दर्शन को गया, वहाँ श्री महंत जी से भेंट हुई उन्होंने मुझसे कहा सबसे पहले माँ गंगा जी के पूजन आरती करके ही आगे कोई कार्यक्रम निर्धारित करें. मै भी पूजन में उपस्थित रहूंगा. और गंगा पूजन में शामिल हुए, और प्रयागवाल वाहिनी के उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दी. और यह अस्वाशन भी दिया था, कि कोई जरुरत पड़े तो मुझे याद करना | आज वो हमारे बीच नही है, मां त्रिवेणी जी एवं भगवान वेणी माधव जी से प्रार्थना है कि पूज्य महाराज जी के पुण्य आत्मा को शांति प्रदान कर अपने श्री चरणों में स्थान दें | अध्यक्षता कर रहे श्रवण कुमार शर्मा ने कहा कि पूज्य नरेंद्र गिरी जी महाराज ने हमेशा प्रयाग को सम्मानित किया, देश विदेश से आने वाले तीर्थ यात्रियों को समूचे प्रयाग से परिचित कराते थे. यदाकदा हम लोगो से कोई मिलना चाहे तो वो तुरंत बुलवा लेते थे | और सम्मान दिलाते थे. उनका इस तरह से जाना बेहद दुखद है, इस खाई को कभी पाटा नहीं जा सकता बहुत बड़ी क्षति हुई है, मठ और प्रयाग दोनों की, अंत में समस्त पदाधिकारियों एवं तीर्थ पुरोहितों ने दो मिनट का मौन रखकर महाराज जी के आत्मा के शान्ति के लिये ईश्वर से कामना करके अपनी श्रद्धांजलि अर्पित किया | उक्त अवसर पर हरिजगन्नाथ शास्त्री, रामकृष्ण तिवारी, हीरामणि भारद्वाज, राजीव भारद्वाज, असीम भारद्वाज, विजय मिश्रा, बलराम शर्मा, चन्दन तिवारी,गोपाल काला, गौतम पान्डेय, राज पान्डेय छोटू, अभिषेक पान्डेय, बिहारी पान्डेय, रजनीश तिवारी, विजय भारद्वाज, राजन तिवारी, चन्दन शर्मा, सक्षम शर्मा, ऋषि शर्मा, आनन्द काला, राकेश शर्मा, सागर पान्डेय, रवि मिश्रा, आदि उपस्थित रहे | उक्त जानकारी प्रयागवाल वाहिनी के मिडिया प्रभारी अनन्त पान्डेय डम्पी ने दिया |



