संगठित हिन्दू समाज ही इस्लामिक आतंकवाद को कुचल सकता है- स्वामी नरेंद्रानंद सरस्वती महाराज

कुरुक्षेत्र,हरियाणा (अनुराग दर्शन समाचार) गुरुग्राम में आयोजित लक्षचण्डी महायज्ञ में विशेषरूप से काशी से पधारे काशी सुमेरु पीठाधीश्वर अनंत श्री विभूषित पूज्य जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी नरेन्द्रानन्द सरस्वती जी महाराज ने उपस्थित सनातन धर्मावलम्बियों को अपना आशीर्वचन एवम् मार्गदर्शन प्रदान करते हुए कहा कि सनातन धर्म में यज्ञ हों या महायज्ञ, यह ब्यक्ति मात्र के लिए नहीं, अपितु समग्र मानवता के कल्याण के लिए होता है | यज्ञ, महायज्ञ समस्त अपेक्षित मनोकामनाओँ की पूर्ति का माध्यम होता है | यज्ञ, महायज्ञ में नाना प्रकार की जड़ी-बूटियों, औषधियों का प्रयोग होता है, जिससे पंर्यावरण शुद्ध होता है | शुद्ध पर्यावरण मानव जाति के लिए ही नहीं, बल्कि सृष्टि के समस्त जलचर, थलचर एवम् नभचर जीवों के लिए कल्याणकारी होता है | यज्ञ में सभी को अपने सामर्थ्यानुसार तन, मन, धन से सहयोग करना चाहिए | पूज्य जगद्गुरु शंकराचार्य महाराज ने कहा कि आज सनातन धर्म को कमजोर करने का जिस प्रकार का प्रयास विधर्मियों (विशेषकर इस्लाम की आतंकवादी एवम् विस्तारवादी विचारधारा) के द्वारा किया जा रहा है, उससे बचने का एक ही मार्ग है, और वह मार्ग है-हिन्दू समाज की एकता | सभी हिन्दुओ के पास अपने परिवार के रक्षार्थ एवम दुष्टों के दमन हेतु हथियार होना ही चाहिए | संगठित हिन्दू समाज ही इस्लामिक आतंकवाद को कुचल सकता है, और विभाजित, विखण्डित हिन्दू समाज को संगठित व शक्तिशाली बनाने का सबसे बड़ा माध्यम है यज्ञ |इस अवसर पर महानिर्वाणी अखाड़ा के आचार्य महामण्डलेश्वर स्वामी विशोकानन्द भारती जी महाराज, टीकरमाँफी के स्वामी हरि चैतन्य ब्रह्मचारी जी महाराज, महामण्डलेश्वर स्वामी विज्ञानानन्द सरस्वती जी महाराज, महामण्डलेश्वर स्वामी प्रेमानन्द जी महाराज, महामण्डलेश्वर स्वामी त्रिवेन्द्रानन्द गिरि जी महाराज, म०म० स्वामी देवेन्द्रानन्द गिरि जी महाराज, महन्त स्वामी अखण्डानन्द तीर्थ जी महाराज, म०म० स्वामी सूर्यानन्द सरस्वती जी महाराज, म०म० स्वामी विश्वेश्वरानन्द गिरि जी महाराज, महन्त स्वामी गुप्त गिरि जी महाराज, जगद्गुरु स्वामी सत्यनारायणाचार्य जी महाराज, जगद्गुरु स्वामी घनश्यामाचार्य जी महाराज, महन्त स्वामी राजारामाचार्य सहित महायज्ञ के आयोजक यज्ञ सम्राट् त्रिपुरा पीठाधीश्वर जगद्गुरू स्वामी हरिओम् जी महाराज सहित अन्य अनेक धर्माचार्य एवम् विद्वान मंचासीन थे |




