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परमात्मा के प्रति निस्वार्थ भाव से समर्पण हो जाना ही भक्ति है-डॉ अनिरुद्ध जी महाराज

धूमधाम से मनाई गई भगवान श्री कृष्ण एवं माता रुक्मणी का विवाह समारोह

(अनुराग शुक्ला)
प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )। दिव्य अध्यात्म राष्ट्र सेवा मिशन प्रयागराज इकाई के तत्वाधान में चल रहे श्रीमद् भागवत कथा किस षष्टम दिवस के अवसर पर मुंशी राम प्रसाद की बगिया नारायण वाटिका में कथा का रसपान कराते हुए डॉ अनिरुद्ध महाराज ने कहा कि प्रेम भक्ति की प्रथम पाठशाला है और प्रेम के मार्ग पर ही चलकर जीवात्मा परमात्मा के प्रति समर्पित हो जाता है तो वही प्रेम अपनी चरम पर पहुंच कर भक्ति बन जाती है और कहा कि परमात्मा के प्रति निस्वार्थ भाव से समर्पण हो जाना ही भक्ति है इसलिए प्रेम ही परमात्मा तक पहुंचने का प्रथम सोपान होता है मिशन के प्रभारी राजेश केसरवानी ने बताया कि आज की कथा में गोपी गीत भ्रमरगीत भगवान श्री कृष्ण एवं माता रुकमणी विवाह का वर्णन किया गया मिशन के द्वारा धूमधाम से भगवान श्री कृष्ण की वैवाहिक समारोह का आयोजन किया गया। आज की कथा में मुख्य यजमान विमला जायसवाल रही संचालन राजेश केसरवानी ने किया। कथा के महाआरती में मुख्य रूप से भाजपा प्रदेश महामंत्री महिला मोर्चा डॉक्टर कृतिका अग्रवाल, भाजपा उपाध्यक्ष विवेक अग्रवाल, विवेक गौड़, चंदन शुक्ला, अभिषेक सिंह एवं थानाध्यक्ष मुट्ठीगंज ने भक्तों के साथ महाआरती की। इस अवसर पर कुमार नारायण नीरज गुप्ता अभिलाष केसरवानी प्रमिल केसरवानी आयुष श्रीवास्तव उषा केसरवानी संतोष चौरसिया कुसुम केसरवानी अजय अग्रहरि सचिन मोदनवाल विमला जायसवाल सरिता जायसवाल विजयलक्ष्मी केसरवानी एवं भक्त गण उपस्थित रहे।

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