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असूरो के नाश हेतू पृथ्वी पर विविध रूप धारण करते है नारायण-आचार्य पं.अभिषेक

 

अमृतमई श्रीमद्भागवत कथा सुनने पांचवें दिन नारीबारी में उमड़ी भक्तों की भीड़

( अनुराग शुक्ला ) नारीबारी,प्रयागराज ( अनुराग दर्शन समाचार )। सनातन धर्म के अनुसार भगवान विष्णु सर्वपापहारी पवित्र और समस्त मनुष्यों को भोग तथा मोक्ष प्रदान करने वाले प्रमुख देवता हैं। जब-जब इस पृथ्वी पर असुर एवं राक्षसों के पापों का आतंक व्याप्त होता है। तब-तब भगवान विष्णु किसी ना किसी रूप में अवतरित होकर पृथ्वी के भार को कम करते हैं। उक्त बातें कथावाचक आचार्य पंडित अभिषेक कृष्णम् हरिकिंकर जी महराज ने नारीबारी श्री सर्वेश्वर हनुमान मंदिर मे आयोजित श्रीमद्भागवत कथा पुराण के पांचवें दिन कही और बताया भगवान विष्णु ने अभी तक तेईस अवतारों को धारण किया। इन अवतारों में उनके सबसे महत्वपूर्ण अवतार श्रीराम और श्रीकृष्ण के ही माने जाते हैं। गुरूवार देररात श्री कृष्ण जन्मोत्सव की भव्य झांकियां व श्री कृष्ण के वाल स्वारूप का दर्शन भक्तों ने किया। साथ ही भक्तों पर उपहारों की बरसात हुई और भक्तों ने एक-दूसरे को भगवान श्री कृष्ण के जन्मोत्सव की बधाईयां दी शुक्रवार को श्री कृष्ण बाल लीलाओं का वर्णन करते हुए कहा बाल्यकाल से नटखट भगवान के वाल्यकाल के लीलाओ का वर्णन करते हुए राक्षस पूतना एवं बकासुर के वध के कारणों को वृस्तृत रूप से वर्णन किया। जन्मोत्सव व वाल्य लीला की कथा सुनने वाले भक्त भक्ति-भाव से बीच-बीच हो रहे संगीतमय भजन मे झूमते रहे। अंत मे भागवत कथा की विधिवत आरती पूजन कर प्रसाद ग्रहण किया। जिसमे प्रमुख रूप से शरद कुमार गुप्ता, महेंद्र कुमार शुक्ल,विजय शंकर शुक्ला,ऋषि मोदनवाल, दिलीप कुमार चतुर्वेदी,वैजनाथ केसरवानी, प्रकाश चन्द्र चतुर्वेदी, जितेंद्र बहादुर सिंह,पंकेश चतुर्वेदी,दिवाकर साहू,राम कैलाश शुक्ला, अयोध्या प्रसाद तिवारी,केदार चौरसिया, सत्यप्रकाश केसरवानी, इन्द्र मणि चतुर्वेदी आदि के साथ भारी संख्या मे नर-नारी बुजुर्ग बच्चे उपस्थित रहे।

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