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सत्संगति ही मोक्ष का मार्ग-श्री निवासाचार्य जी महाराज

बल्दीराय,सुल्तानपुर (अनुराग दर्शन समाचार ) । सत्संग की राह में कठिनाइयां तो हैं मगर जो उनका वरण करते हुए आगे बढ़ता है वह सदगति को प्राप्त होता है। आनन्द इतना सस्ता नही जितना लोग समझते हैं।आज तो लोग पसंद का समोसा खा लें तो भी बोलते हैं अहॉ आनन्द आ गया।यह आनन्द नही आनन्द की खोज में जींवन बीत जाता है।ईश्वर के प्रति अनुराग ही आनन्द है। ये बाते तिरहुत स्टेट के राजा इंटर कालेज तिरहुंत के पूर्व प्रबंधक राजा ओम प्रकाश सिंह की द्वितीय पुण्यतिथि पर आयोजित सत्संग में श्रीधाम अयोध्या से पधारे राष्ट्रीय सन्त निवासाचार्य जी महाराज ने कही। कार्यक्रम के शुभारंभ से पूर्व कथा व्यास ने व्यास पीठ की पूजा कर आरती उतारी। वरिष्ठ सन्त पूज्य प्रचेता जी महाराज ने विधि विधान से मंत्रोच्चार के साथ पूजन सम्पन्न कराया।कार्यक्रम के आयोजक राजा राय भानु प्रताप सिंह ने कथा व्यास व गोलोकवासी ओम प्रकाश सिंह के चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम की शुरुआत की।चले आओ अब तो हे प्यारे कन्हैया, ये सूनी है कुंजन औ व्याकुल है गैया। सुना दो इन्हें अब तो धुन मुरली की। बड़ी आरजू थी मुलाकात की।जैसे भजनों में श्रोता रससिक्त होते रहे।इस मौके पर तहसील क्षेत्र बल्दीराय के विभिन्न इंटर कालेज के बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र/छात्राओं को पुरस्कृत किया गया।कार्यक्रम का संचालन कवि पुष्कर अग्रहरि ने किया।

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