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शिविरों में जलभराव को लेकर ओल्ड जीटी पुल पर किया जाम

प्रशासन कोरोना को लेकर हुए क्वारंटाइन कल्पवासी शिविर में जलभराव से पस्त

लोगों ने अपने सामान को दूसरे के शिविरों में पहुंचाने के लिए दिनभर मशक्कत किया।

दर्जनों शिविरों में गंगा का पानी घुसा

संगम तीरे जप-तप करने आए साधु-संतों और कल्पवासियों को गंगा के पानी ने ही परेशान कर दिया है। वही गंगा का जल स्तर बढ़ने और कटान से सेक्टर दो और तीन में चार दर्जन से अधिक शिविरों में पानी भर गया है। प्रभावित लोगों ने अपने सामान को दूसरे के शिविरों में पहुंचाने के लिए दिनभर मशक्कत किया। पानी बढ़ने से कटान तेज हो गई है। पीपा पुलों के पास कटान रोकने के लिए पीडब्ल्यूडी की ओर से बोरी में बालू भर कर मेड़ बनाई जा रही है। इससे पहले मंगलवार को जलस्तर बढ़ने और कटान होने से पुल नंबर दो त्रिवेणी पर दिन भर आवागमन बंद कर दिया गया। बुधवार को कटान से तमाम शिविरों तक पानी पहुंचने पर कल्पवासी बाहर आकर खड़े हो गए। प्रशासन के साथ ही पीडब्लूडी और सिंचाई विभाग की टीम भी पहुंची।
माघ मेला क्षेत्र के सेक्टर दो स्थित गंगदीप में शिविरों में पानी भर गया। इससे 44 संस्थाएं प्रभावित हुई। कमिश्नर संजय गोयल के निर्देशों पर मेला अधिकारी का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे अरविंद कुमार चौहान ने इन सभी को सेक्टर पांच में स्थापित कराया। इस सेक्टर में सभी संस्थाओं के लिए बिजली, पानी जैसी अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई गई। इसके अतिरिक्त गंगदीप में स्थापित प्रयागवाल के प्रभावित लोगों को भी सेक्टर पांच में स्थानांतरित कर दिया गया है। सोमवार को भोर से संगम क्षेत्र में तेजी से जलस्तर बढ़ने लगा था। यह सिलसिला मंगलवार के बाद बुधवार को भी जारी रहा। सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने बताया कि संगम क्षेत्र में जलस्तर चार दिनों तक इसी तरह से बढ़ता रहेगा। कानपुर बैराज से गंगा में 20 हजार क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ा जा रहा है। यह पानी अब प्रयागराज पहुंच रहा है। इस पानी के आने से कटान बढ़ गया और शिविर में भी पानी घुस गया। जलस्तर बढ़ने से पांटून पुलों पर खतरा मंडराने लगा। त्रिवेणी और काली पुल पर झूंसी की तरफ कटान होने लगा। त्रिवेणी पुल के सामने ज्यादा पानी भरा तो उस पर से दिनभर आवागमन बंद रखा गया। पीडब्ल्यूडी की जूनियर इंजीनियर श्वेता सिंह ने बताया कि त्रिवेणी पुल के सामने से चकर्ड प्लेट हटाकर दोबारा मिट़्टी डालकर रास्ता तैयार किया गया है। शाम को आवागमन शुरू कर दिया गया था । लेकिन बुधवार को स्थिति और खराब होती गई। वही कल्पवासी तीर्थ यात्रियों को गंगा के पानी से कैंप में जलभराव को लेकर पुल नंबर पांच पर तीर्थ पुरोहित और कल्पवासियों द्वारा गंगा का जल भराव से परेशान होकर ओल्ड जीटी पुल पर घंटो जाम लगाए रखें । काफी जद्दोजहद के बाद स्थानीय अधिकारियों द्वारा कल्प वासियों को सेक्टर 5 में जल्द से जल्द सुविधा मुहैया कराते हुए उन्हें बसाने का कार्य किया जाए । इस मांग को अधिकारियों द्वारा माना गया । तब जाकर कहीं पुल आवागमन के लिए खोला गया । पिछले तीन दिनों से तीर्थयात्री कल्पवासी और तीर्थ पुरोहित गंगा के जल से परेशान थे ।उच्च अधिकारियों के लापरवाही के चलते आखिरी समय में गंगदीप बसाया गया । जहां पर पहले से ही गंगा के जल का प्रभाव के बारे में जानकारी होने के बावजूद संस्थाओं को बसा कर तीर्थ यात्रियों को परेशान करने का कार्य किया गया। जिससे कल्प वासियों और पीठ पुरोहितों में प्रशासन के प्रति रोष व्याप्त है।

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