संत सम्मेलन में संतो ने भरी हुंकार फिर मांगे भाजपा सरकार

संतो ने महंत योगी आदित्यनाथ को पुनः मुख्यमंत्री बनाने की भरी हुंकार
संतो ने कहा कि राम मंदिर ही नहीं गौ रक्षा काशी विश्वनाथ मठ मंदिरों का अधिग्रहण बंद हो
(अनुराग शुक्ला)प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। आज विश्व हिंदू परिषद माघ मेला शिविर में प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी संत सम्मेलन का आयोजन हुआ ।जिसकी अध्यक्षता जगदगुरु ज्योतिष्पीठाधीश्वर स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती ने किया। सम्मेलन में माघमेला पहुंचे सैकड़ो संत शामिल हुए। कार्यक्रम की शुरुवात दीप प्रज्वलन से हुआ । सम्मेलन में चर्चा होने वाले विषयों का प्रतिपादन विहिप केंद्रीय संरक्षक दिनेश ने किया । संत सम्मेलन में पांच राज्यों में हो रहे चुनाव में हिंदू धर्म की रक्षा करने वाले संस्कृति का समर्थन करने वाली सरकार चुनने के लिए पूज्य संतों ने हिंदू समाज का आवाहन किया। उत्तर प्रदेश में संतो ने महंत योगी आदित्यनाथ को पुनः मुख्यमंत्री बनाने की हुंकार भरी संतो ने कहा कि राम मंदिर ही नहीं गौ रक्षा काशी विश्वनाथ मठ मंदिरों का अधिग्रहण बंद हो सनातन संस्कृति संस्कार का संवर्धन करने वाली ही सरकार सरकार पुनः बने इसी सरकार से हिंदू धर्म संस्कृति की रक्षा होगी सभी को जाति मत पंथ संप्रदाय से ऊपर उठकर 70% मतदान हो हिंदू समाज संगठित होकर धर्मांतरण रोकने लव जिहाद रोकने वाली सरकार को संतों का समर्थन है इसी प्रकार से स्वाभिमान आत्मसम्मान की रक्षा राष्ट्र की रक्षा अस्तित्व की रक्षा के लिए पूज्य संत अपने अपने स्थान पर जाकर हिंदू धर्म संस्कृति की रक्षा के लिए सरकार बनाने के लिए समाज का जागरण करेंगे। इस अवसर पर संत सम्मेलन में संचालन केंद्रीय संत संपर्क प्रमुख अशोक तिवारी ने किया।
प्रमुख वक्त नाउ में जयराम दास जी परमहंस दास जी बालक दास जी अजेनान्द नंद सरस्वती दिनेश्वरानंद जी गोपाल दास जी डॉ रामेश्वर प्रपन्नाचार्य जी डॉ रामेश्वर दास जी जिदम्बरानंद जी डॉक्टर नृत सिंह जितेंद्रनंद सरस्वती जी प्रेमदास जी कृष्णा चार्य जी बालक नाथ राम रतन दास जी शिव योगी हनुमान दास पुरुषोत्तम दास राम नारायण जी ने अपने विचार रखे विहिप के संरक्षक दिनेश चंद्र केंद्रीय सह मंत्री अम्बरीष क्षेत्र संगठन मंत्री गजेंद्र प्रांत संगठन मंत्री मुकेश प्रांत उपाध्यक्ष अजय गुप्ता प्रांत सुरक्षा प्रमुख विपिन गुप्ता आध्या शंकर मिश्र विनोद अग्रवाल अमित पाठक आदि उपस्थित रहे।



