दिन भर हार-जीत के मंथन में उम्मीदवारों को रात में आती नहीं नींद

(अनुराग शुक्ला ) प्रतापगढ़( अनुराग दर्शन समाचार ) ।मतदान की तिथि से मतगणना तिथि तक 11 दिन का सफर प्रतापगढ़ के चुनाव में अपनी किस्मत को आजमाने वाले उम्मीदवारों के लिए भारी पड़ रहा है। सही बात तो यह है कि दिन भर का खाया पिया उन्हें लग नहीं रहा है। जीत के प्रति भले ही सभी 90 प्रत्याशी आशान्वित हों, पर अंदर से डर सता रहा है। दिन भले ही पिछलग्गुओं, चुनावी ठेकेदारों और चापलूसकारों के सहारे कट जाता हो पर रात में उन्हें सुकून की नींद नहीं आती और लेटे लेटे आत्ममंथन और चिंतन करते रात गुजर जाती है। यह 11 दिन का अंतराल उनके लिए 11करम हो जाने के बराबर लग रहा है। बहरहाल ,इन 11 दिनों में देव उपासना करने में भी वे जुटे हैं ।मतगणना में गिनती के अब 5 दिन शेष हैं। रविवार को हुए मतदान के बाद प्रशासन की ओर से कुल मतदान 52.65 प्रतिशत बताया गया था परंतु सोमवार को संशोधित कर कुल पड़े मतदान का प्रतिशत 54 .28 का आंकड़ा चुनाव आयोग को भेजा गया फिर भी वर्ष 2017 में हुए मतदान की अपेक्षा मताधिकार का प्रयोग कम हुआ। एक बात तो स्पष्ट है कि मतदाताओं में इस बार उत्साह की कमी के साथ-साथ साइलेंट वोटिंग हुई इससे मतदाताओं के रुझान का भी सहीअंदाजा नहीं लग पा रहा है कि उन्होंने किस पार्टी के पक्ष में अधिक वोटिंग किया है। यह अनुमान है कि विधानसभा सदर ,पट्टी और रानीगंज में भाजपा की सीधी टक्कर सपा के उम्मीदवारों से है और कुंडा में भी सपा की सीधी टक्कर जनसत्ता दल लोकतांत्रिक से है वहीं यह भी अनुमान किया जा रहा है कि विश्वनाथ गंज में बीजेपी गठबंधन और निर्दलीय प्रत्याशी के बीच कांटे की टक्कर है और रामपुर खास में कांग्रेस का मुकाबला बीजेपी से है। अनुमान है कि बाबागंज में त्रिकोणीय संघर्ष बीजेपी सपा और जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के मध्य है।यही कारण है कि प्रतापगढ़ के महुली में बने स्ट्रांग रूम में सातों विधानसभा के ईवीएम मशीनों को अर्ध सैनिकों की सुरक्षा में सुपुर्द कर दिया गया है और प्रशासन ने स्विफ्ट के अनुसार मजिस्ट्रेटों की नियुक्तियां कर दी हैं। पार्टी प्रत्याशियों ने भी ईवीएम की देखभाल के लिए जिम्मेदार लोगों को लगा रखा है जो रात में भी वहीं डेरा लगा रखे हैं।अब 10 मार्च बहुत दूर नहीं है। किस विधानसभा सीट से कौन उम्मीदवार किस पर भारी पड़ेगा वही विजयी होगा,यह उसी दिन भाग्य पिटारा खुलने पर ही पता लग पाएगा।फ़िलहाल, यह हार जीत का मन्थन 9मार्च तक चलता रहेगा।



