लोगों को देती है जीवन का दान – मां जीवदानी देवी

भक्त माता की मंदिर की चढ़ाई नंगे पैर करते हैं
( अनुराग शुक्ला ) मुंबई (अनुराग दर्शन समाचार ) ।महाराष्ट्र के ठाणे के विरार में है हिन्दू देवी जीवदानी का मंदिर। यह माता का मंदिर एक पहाड़ की छोटी पर इस्तिथ है। यह माता का मंदिर भक्तो के बीच अपनी चमत्कारों को लेकर जाना जाता है। लोग यहाँ पर देश के कोने कोने से आते हैं और अपने दुखो को दूर करने की दुआए मांगते हैं। इनकी इतनी मान्यता है की यह लोगो के दुःख को हर लेती है और लोग अपने मनोकामनाए पूरी होने पर फिर उनकी दर्शन करने आते हैं। आज हम आपको माता के इस मंदिर की कुछ अनसुनी और खास बाते बताएंगे। जीवदानी माता का नाम जीवदानी इस इस लिए है क्यों की उन्हें जीवनदानी मन जाता है। इसी कारण माता को जीवदानी कहा जाता है। इस मंदिर के इतिहास के बारे में शायद ही आप मेसे कोई अच्छी तरह से जनता होगा। आपको बता दें की पुराणो के अनुसार यह मंदिर बहुत पुराना है। इस मंदिर को पांडवो ने अपने बनवास के समय में बनाया था। पांचो भाइयो ने एक वीरा गुफा में माता की मिलकर स्थापना की थी। पांडवो ने “पांडव डोंगरी ” नामक बनाया जो योगिओ, संतो और ऋषिओ के निवास का स्थान था। आज भी यहाँ अनेको ऋषि और योगी मंदिर दौरे के समय यहाँ रहते है। इस मंदिर को लेकर और भी बहुत सी कहानियां है। आपको बता दें की माता का यह मंदिर १७ वि सदी में बना था। देश में जैसे हर मंदिर के भीतर जल कुण्ड होता है वैसे ही इस मंदिर में भी अनेक जल कुण्ड बने हुए है। मगर आपको बता दें की इस मंदिर में पहले से बहुत ही ज्यादा बदलाव आया है। यहां तक की कई जल कुण्ड सुख भी गए है। माता के दर्शन के लए आपको लगभग 1300 सीढ़िया चढ़नी पड़ेगी। पहले यह मंदिर बोहोत ही छोटा और चढ़ाव बोहोत संकीर्ण था। मगर बदलते वक़्त के साथ हर चीज को बेहतर बनाया गया है। इस मंदिर में हर साल रोज़ाना बहुत से भक्त आते हैं। मगर इस मंदिर में नवरात्री के ९ दिन और दशहरे पर यहाँ के मुख्य समारोह रहता है। जिसे देखने के लिए भक्तो की भीड़ उमड़ी रहती है। माता की पूजा जो भी सच्चे मन से करता है उसे माता अपना आशीर्वाद प्रदान करती है। लोगो का मानना है माता लोगो के और उनके परिवार के जान की रक्षा करती हैं। अपनी मनोकामनाए पूरी करने के लिए भक्त माता की मंदिर की चढ़ाई नंगे पैर करते हैं। शुक्रवार और रविवार इस मंदिर में भक्तो की भरी भीड़ लगती है।


