ग़मगीन माहौल मे करैली रानीमण्डी व दरियाबाद में निकाला गया जुलूस सुब्हे ज़रबत मौला अली

प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार ) । माहे रमज़ान की उन्नीस को कूफे की मस्जिद मे मुसलमानो के चौथे खलीफा हज़रत अली इब्ने अबुतालिब को अब्दुर्रहमान इब्ने मुल्जिम नामक शख्स ने फजिर की नमाज़ मे सजदे के दौरान सर पर ज़हर से आलूदा तलवार से वार कर ज़ख्मी कर दिया था।और दो दिन ज़ख्मी हालत मे हज़रत अली मुबतेला रहे।इक्कीस रमज़ान को हज़रत अली की शहादत हो गई।उसी ग़मगीन वाक़ेये को याद कर आज भी मुस्लिम इलाक़े सोग मे डूबे रहे।फजिर की नमाज़ के बाद सबसे पहले मस्जिद क़ाज़ी साहब बख्शीबाज़ार मे मजलिस हुई मौलाना जव्वादुल हैदर रिज़वी ने ग़मगीन मसाएब पढ़े तो मस्जिद के मोमनीन ने या अली मौला हैदर मौला की सदा बुलन्द करते हुए मातम किया।वहीं रानी मण्डी धोबीगली मे मिर्ज़ा काज़िम अली के आवास से क़दीमी जुलूस निकाला गया।मौलाना ज़ीशान हैदर ने मजलिस को खेताब किया तो ज़ैग़म अब्बास ने मर्सियाख्वानी के साथ जुलूस को रानीमण्डी की गलियों मे गश्त कराते हुए इमामबाड़ा आज़म हुसैन तक पहुँचाया।जहाँ बड़ी संख्या मे अक़ीदतमन्दों की मौजूदगी मे डॉ रिज़वान हैदर ने हज़रत अली की शहादत का ग़मगीन ज़िक्र किया।वहीं दरियाबाद मे मस्जिद इमाम रज़ा मे फजिर के बाद मजलिस हुई और अन्जुमन मोहाफिज़े अज़ा क़दीम ने नौहा और मातम का नज़राना पेश करते हुए जुलूस निकाला।वहीं दरियाबाद ,रानीमण्डी ,करैली ,करैलाबाग़ चक ज़ीरोरोड रौशनबाग़ आदि इलाक़े ग़मगीन रहे।महिलाएँ कलाईयों की चूड़ीयाँ तोड़ कर काले लिबास पहन कर सोगवार रहीं।कई जगहों पर औरतों व मर्दों की मजलिसें भी हुईं।रौशनबाग़ मे मतलूब हुसैन के अज़ाखाने पर हुई मजलिस को मौलाना डॉ रिज़वान हैदर ने खिताब किया।इमामबाड़े की लाईटों को बुझा कर मोमबत्ती की रौशनी मे गुलाब और चमेली से सजा कर ताबूत ए अली ज़ियारत को निकाला गया।अन्जुमन ग़ुन्चा ए क़ासिमया ने नौहा और मातम के नज़राने के साथ या अली मौला हैदर मौला की सदा बुलन्द करते हुए मातम किया।शहर भर के जुलूस मे खास तौर से मिर्ज़ा काज़िम अली ,मौलाना सरफराज़ हुसैन ,हसन नक़वी ,शफक़त पाशा ,ग़ुलाम अब्बास ,नजीब इलाहाबादी ,आफताब रिज़वी ,वक़ार रिज़वी ,सै०मो०अस्करी ,शाहिद अब्बास रिज़वी ,अली सज्जाद ,रज़ा ,राज़िक़ ,ज़ामिन हसन ,औन ज़ैदी ,जौन ज़ैदी आदि शामिल रहे।
*आज निकलेगा असग़र अब्बास की सरपरस्ती में रानीमण्डी नवाब नन्हे की कोठी से जुलूस*
शहादत हज़रत अली पर रानीमण्डी चकय्यानीम स्थित नवाब नन्हे की कोठी से बीस रमज़ान को उठने वाला क़दीमी जुलूस दो वर्षों की कोरोना बंदिशों के बाद इस वर्ष दिनांक 22 अप्रैल शुक्रवार को साँय 8:30 बजे असग़र अब्बास की क़यादत मे निकाला जायगा।जिसमे दरियाबाद रानीमण्डी व बख्शीबाज़ार की मातमी अन्जुमने शिरकत करेंगी।जुलूस नवाब नन्हे की कोठी से उठकर बच्चा जी धरमशाला के पास शाहरुक़ क़ाज़ी के आवास पर खत्म होगा।वहीं करैलाबाग़ मे मुसल्ला ए ज़ीशान मे बाद नमाज़ मग़राबैन मजलिस होगी जिसमे शहनशाह हुसैन सोनवी की मर्सियाख्वानी व मौलाना आमिरुर रिज़वी खेताब करेंगे। शबीहे ताबूत की ज़ियारत के बाद अन्जुमन ग़ुन्चा ए क़ासिमया नौहा और मातम का नज़राना पेश करेगी।


