Latest

मुल्क की सलामती, अमन-चैन और खुशहाली की मांगी दुआ

दो साल बाद मस्जिदों में अदा की गई ईद-उल-फित्र की नमाज

शहर में खुशियों और अकीदत से मनाई गई ईद

प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार ) । शहर में ईद-उल-फित्र का त्योहार मंगलवार को अकीदत एवं खुशियों के साथ मनाया गया। सोमवार शाम चांद नजर आने के बाद सुन्नी एवं शिया मुसलमानों ने ईदगाह, जामा मस्जिद सहित तमाम छोटी-बड़ी मस्जिदों में नमाज अदा की। पिछले दो वर्षों में कोरोना महामारी के कारण लोगों ने अपने घरों में ईद की नमाज पढ़ी थी लेकिन इस बार मस्जिदों में पहले जैसा उत्साह देखने को मिला।
इस बार सड़क पर नमाज की अनुमति न मिल पाने की वजह से जामा मस्जिद में सुबह आठ बजे और नौ बजे दो बार ईद की खास नमाज हुई। पहली बाद कारी रईस अख्तर अहमद हबीबी व दूसरी बार मौलाना मुजाहिद हुसैन हबीबी की क़यादत में नमाज अदा की गई। शहर की जामा मस्जिद, अब्दुल्ला मस्जिद, अबुबकर मस्जिद, एकमीनारा मस्जिद, दायराशाह अजमल दरगाह, नूरी मस्जिद, मदरसा इस्लाहिया सदर बाजार, चौदहों पीर, मुनव्वर अली शाह, करेली, हटिया बहादुरगंज समेत मुस्लिम बाहुल्य इलाकों की तमाम बड़ी एवं छोटी मस्जिदों में सुन्नी समुदाय ने नमाज पढ़ी। शिया समुदाय ने चक शिया जामा मस्जिद, मस्जिद ए खदीजा, मदरसा जमीयतुल अब्बास करैली, मस्जिद क़ाज़ी साहब बख्शी बाज़ार, दरगाह मौला अली मस्जिद इमाम हुसैन दरियाबाद, इमामबाड़ा अरब अली खां में नमाज अदा की
ईद की नमाज के लिए सुबह से लोग मस्जिदों पहुंच गये। सिर पर टोपी और नए कपड़े पहनकर लोगों के ईद की खास नमाज पढ़ी। नमाज से पहले रवायत के मुताबिक लोगों ने फितरा भी निकाला। इबादतगाहों में नमाजियों के लिए वजू से लेकर हर तरह के इंतजाम किए गए थे।
खुदा की बारगाह में सजदा के दौरान तमाम रोजेदारों ने रोजे अता करने के लिए अल्लाह का शुक्रिया अदा किया। बाद में मुल्क की सलामती, अमन-चैन, बरकत, तरक्की, खुशहाली आदि के लिए दुआएं मांगी गईं।
नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर एक-दूसरे को ईद की मुबारकबाद दी। मस्जिदों के बाहर गैर मुस्लिमों ने सबको गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी। बच्चों के साथ बड़ों ने नए कपड़े पहने और सेवइंयों का लुत्फ उठाया। चांद रात से ही फोन, मोबाइल, एसएमएस के जरिये शुरू हुआ मुबारकबाद देने का सिलसिला भी जारी रहा। लोगों ने अपने दोस्तों और रिश्तेदारों को अपने घर सिंवई खाने की दावत दी, वहीं बच्चों ने बड़ों से ईदी लेकर मौज मस्ती की। नमाज के बाद लोगों ने अपने रिश्तेदारों और गैर मुस्लिम दोस्तों को भी सिवईयां खिलाई।

Related Articles

Back to top button