Prayagraj Samachar: विज्ञान अकादमी द्वारा प्रायोजित सीएमपी महाविद्यालय में दो दिवसीय कार्यशाला
Prayagraj Samachar: विज्ञान अकादमी द्वारा प्रायोजित सीएमपी महाविद्यालय में दो दिवसीय कार्यशाला

Prayagraj Samachar (अनुराग शुक्ला )प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )। सी.एम.पी. महाविद्यालय के वनस्पति विज्ञान विभाग में विज्ञान अकादमी द्वारा आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला 16 व 17 नवंबर 2022 को आयोजित किया जा रहा है। यह कार्यशाला जलवायु परिवर्तन का पर्यावरण और जैव विविधता पर प्रभाव विषय पर आयोजित है।
देश भर से लगभग 170 से अधिक प्रतिभागी प्रतिभाग कर रहे
आज कार्यशाला के प्रथम दिन इसकी संचालिका व समन्वयक डॉक्टर सरिता श्रीवास्तव ने अपने शुरुआती उद्बोधन में कार्यशाला में आए हुए अतिथियों का स्वागत किया। तत्पश्चात दीप प्रज्वलन कर कार्यशाला का औपचारिक उद्घाटन डॉक्टर आर आर राव, प्रोफेसर आर यस वर्मा व प्राचार्य प्रोफेसर अजय प्रकाश खरे द्वारा किया गया। इस कार्यशाला में देश भर से लगभग 170 से अधिक प्रतिभागी प्रतिभाग कर रहे हैं। इस अवसर पर प्राचार्य प्रोफेसर अजय प्रकाश खरे द्वारा आए हुए अतिथियों का स्वागत किया गया व कार्यशाला से संबंधित संक्षिप्त चर्चा की गयी। इस अवसर पर प्राचार्य ने बताया कि यह हमारे कॉलेज के लिए बड़ा ही हर्ष का विषय है की देश की तीन विज्ञान अकादमी द्वारा यह कार्यशाला हमारे कॉलेज में आयोजित किया जा रहा है।
इस अवसर पर कॉलेज के प्रेसिडेंट चौधरी जितेंद्र नाथ सिंह ने अतिथियों का स्वागत करते हुए संक्षिप्त में विषय पर चर्चा की और बताया कि यह विषय मानव अस्तित्व से जुड़ा है। उन्होंने बताया की हाल ही में मौसम के बदलाव को महसूस करते हुए हम लोगों ने देखा कि जो बारिश अगस्त और सितंबर में होनी चाहिए थी वह इस वर्ष अक्टूबर में हुई इस तरह के सभी बदलाव क्लाइमेट चेंज की वजह से हो रहे हैं। एम.एन.आई.टी के निदेशक प्रोफेसर आर एस वर्मा द्वारा कार्यशाला के विषय एवं उद्देश्य पर विस्तार से चर्चा करते हुए विषय के नए आयामों एवं तकनीकी से परिचय कराया गया।
जलवायु परिवर्तन का मुख्य कारण ओजोन डिप्लीशन , प्रदूषण व पेड़ों का कटाव है
उन्होंने बताया की कार्यशाला का विषय इस समय सबसे ज्यादा चर्चा होने वाला विषय है। जलवायु परिवर्तन का मुख्य कारण ओजोन डिप्लीशन , प्रदूषण व पेड़ों का कटाव है। जलवायु परिवर्तन के साथ-साथ हमें यह भी जानना जरूरी है कि यह जलवायु परिवर्तन क्यों हो रहा है और इनके सतत विकास कैसे किए जा सकते हैं । इस कार्यशाला के मुख्य अतिथि व प्रवक्ता डॉक्टर आरआर राव , मानद वैज्ञानिक आई एन एस ए, बेंगलुरु ने देश के तीन विज्ञान अकादमी की भूमिका पर विस्तार से चर्चा किया व बतलाया की इस वर्कशॉप का मुख्य उद्देश्य छात्रों पर विज्ञान की छवि डालना है।
अध्यापकों, वैज्ञानिकों को लेने की आवश्यकता
साइंस एजुकेशन पैनल, समर रिसर्च फैलोशिप, रेजोनेंस जर्नल, लेक्चर वर्कशॉप फॉर कॉलेजेस आदि का लाभ छात्रों, कॉलेज के अध्यापकों, वैज्ञानिकों को लेने की आवश्यकता है। उद्घाटन सत्र के समापन पर धन्यवाद ज्ञापन डॉ अमिता पांडे समन्वयक वनस्पति विज्ञान विभाग सीएमपी डिग्री कॉलेज द्वारा किया गया।इस अवसर पर सभी अतिथि गणों द्वारा सार पुस्तिका का अनावरण भी किया गया।तकनीकी सत्र के प्रथम चरण में सीमैप बेंगलुरु के भूतपूर्व वैज्ञानिक व मानद वैज्ञानिक डॉक्टर आर आर राव द्वारा हमारी विविधता हमारी विरासत पर विस्तृत व्याख्यान प्रस्तुत किया। डॉ राव ने अपने व्याख्यान में सिनकोना प्लांट से मलेरिया की दवा व रबर प्लांट के खोज की चर्चा विस्तार से की और बतलाया की एक पौधा पूरे मानव सभ्यता को बदल सकता है। उन्होंने बतलाया कि इस तरह की खोज के लिए पारंपरिक ज्ञान का होना बहुत जरूरी है।
अपने व्याख्यान में विस्तृत चर्चा करते हुए बायोडायवर्सिटी आफ इंडिया ,बायोडायवर्सिटी आप फैमिली, बायोडायवर्सिटी आफ जीनस, बायोडायवर्सिटी ऑफिस स्पीशीज, हॉटस्पॉट ऑफ इंडिया, इंपॉर्टेंस ऑफ बायोडायवर्सिटी,मेगा बायोडायवर्सिटी आदि पर विस्तृत चर्चा की। सत्र के द्वितीय चरण में डॉक्टर यूसी श्रीवास्तव एफ.एन.ए.सी, इलाहाबाद ने जलवायु परिवर्तन के कारण पर विस्तृत चर्चा की। सत्र के तीसरे चरण में प्रोफेसर शशि पांडे राय बी.एफ. एस, वनस्पति विज्ञान विभाग, बीएचयू ने पर्यावरण की स्थिति की संभावनाएं औषधीय पौधों में माध्यमिक उपापचय और इसके पारिस्थितिक परिणाम पर विस्तृत चर्चा की। इस अवसर पर प्रोफेसर डी के चौहान, प्रोफेसर गिरिजेश कुमार वनस्पति विज्ञान विभाग इलाहाबाद विश्वविद्यालय, डॉ आरती गर्ग डायरेक्टर बीएसआई इलाहाबाद, व विभाग के समस्त शिक्षक गण डॉ मंजू श्रीवास्तव, डॉ मीना राय, डॉक्टर संजय सिंह डॉक्टर अमिता पांडे डॉ अविनाश प्रताप सिंह, डॉक्टर आलोक कुमार सिंह डॉ नेहा पांडे, डॉक्टर दीपक कुमार गौड़, डॉक्टर कीर्ति राजे सिंह, डॉक्टर विजय प्रताप सिंह, डॉ यशवंत, डॉक्टर अर्चना पांडे, डॉक्टर संतोष कुमार श्रीवास्तव आदि भी उपस्थित रहे।



