छात्र परिषद का विरोध अंतिम सांस तक- अवनीश मिश्र शौर्य

प्रयागराज। इलाहाबाद विश्वविद्यालय में छात्र संघ के बदले छात्र परिषद पर लगभग मुहर लग चुकी है किंतु पूर्व और वर्तमान छात्र नेताओं ने विरोध अभी भी जारी रखा है। इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्र नेता अवनीश मिश्र शौर्य ने इस विषय पर कहा कि आम छात्र की भागीदारी छात्र संघ की भांति छात्र परिषद में नहीं हैं।इस चुनाव में पारदर्शिता का अभाव है जिससे परिणाम प्रभावित हो सकते हैं।
यहां तक कि इलाहाबाद विश्वविद्यालय के आला अधिकारियों ने एक तुगलकी फरमान जारी करके चुनाव में भागीदारी करने वाले छात्र नेताओं का दक्षता भाषण भी समाप्त कर दिया है, जो सर्वथा अनुचित है। यह लोकतंत्र की निर्मम हत्या है।
आगे उन्होंने कहा कि समस्त छात्र नेताओं द्वारा विश्वविद्यालय कैम्पस में चुनाव बहिष्कार के लिए अभियान चलाया जाएगा और छात्र परिषद का पुरजोर विरोध अंतिम सांस तक किया जाएगा, इलाहाबाद विश्वविद्यालय में छात्र संघ के जनक शहीद लाल पद्मधर की आत्मा को इस निर्णय से बहुत दुःख हुआ होगा। उनकी विरासत को दलालों और चाटुकारों द्वारा बेंचा जा रहा है।
इसी छात्र संघ ने देश को तमाम शीर्ष स्तरीय नेताओं की एक लंबी श्रृंखला प्रदान की है। जिस प्रकार पूर्व में 2012 में छात्र संघ के बहाली की लड़ाई लड़ी गयी थी आज उसी की जरूरत है, छात्र संघ समर्थित सभी छात्रों को संगठित होने की परम आवश्यकता है।



