स्पेशल रिपोर्ट- तीर्थराज में कोई नहीं रहता भूखा, जनिये वाहेगुरू आश्रम की स्तुत्य पहल
अनुराग दर्शन प्रयागराज।( अनुराग शुक्ला) । ओम वाहेगुरु के भंडारे में प्रतिदिन हजारों भक्त प्रसाद ग्रहण करते हैं । तीर्थराज प्रयाग राज माघ मेला में वाहेगुरु ऋषि आश्रम में सुबह 7:00 बजे से नाश्ता के साथ भंडारा प्रारंभ हो जाता है, जो मध्य रात्रि तक चलता है।
भंडारे में हजारों की संख्या में साधु संत महात्मा और मेला में आने वाले श्रद्धालु वाहेगुरु का भंडारा ग्रहण करते हैं। बड़े ही सेवा भाव से आश्रम के सेवक उन्हें आदर पूर्वक पंक्ति में लगाकर बारी-बारी से हर प्रकार से बने भोजन को ग्रहण कराते हैं ।
आश्रम के व्यवस्थापक महामंडलेश्वर महंत सत्यम जी सरस्वती जी महाराज ने बताया कि माघ मेला में पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलने वाले भंडारे में साधु-संतों को शिविर के द्वारा निशुल्क स्वास्थ्य प्रशिक्षण देकर उन्हें निशुल्क दवा वितरित कर रहे हैं। साथ में दक्षिणा एवं शाल एव उनके उपयोगी वस्त्र को भी आश्रम द्वारा संत महात्माओं को दिया जाता है ।

यही नहीं ओम वाहेगुरु ऋषि आश्रम द्वारा प्रयागराज क्षेत्र के 51 डंडी नगर को भी अन्न मुहैया कराया जाता है ।साथ ही आश्रम से जुड़े भारत एवं अन्य देशों के सेवक माघ मेला में आकर सेवा भाव से लगकर भंडारे में शामिल होकर श्रद्धालुओं को भोजन वितरण कराने का कार्य करते हैं ।
इस कार्य को देखकर यह प्रतीत होता है । तीर्थ राज प्रयाग की नगरी में ओम वाहेगुरु ऋषि आश्रम द्वारा संत महात्माओं के भूखे पेट का सहारा बन गया है ।वाहेगुरु ऋषि आश्रम मेला क्षेत्र में भंडारे का चर्चा का विषय बना हुआ है






