बढ़ती जनसंख्या बेरोजगारी का संकेत है आसीस

प्रयागराज ( अनुराग दर्शन समाचार )। विश्व जनसंख्या दिवस का उद्देश्य दुनिया भर में बढ़ती जनसंख्या के कारण आने वाली समस्याओं के बारे में जागरूकता बढ़ाना है उक्त विचार व्यक्त करते हुए आशीष निषाद ने बताया जैसे कि बेरोजगारी, गरीबी,प्रदूषण के स्तर में वृद्धि,प्राकृतिक संसाधनों की तेजी से खपत,ग्लोबल वार्मिंग,वनों की कटाई और जैव विविधता में गिरावट शामिल है।
यदि आबादी कम होगी तो विकास का लाभ सभी को बराबरी से मिल सकेगा।कहीं चोरी नही होगी और कोई बंदूक नही उठायेगा। जनसंख्या अधिक होने से समाज की तरक्की धीमी होती है।
दुनिया भर के कई देशों की जनसंख्या तीव्र गति से बढ़ रही है। इन्हीं में से एक वेबसाइट “World Meter” के अनुसार वर्तमान समय में इंडिया की कुल आबादी 137 करोड़ है। शिक्षा का अभाव जनसंख्या वृद्धि की एक बड़ी वजह है।
बहुत से लोग विशेष रूप से दूरदराज के क्षेत्रो में रहने वाले लोग जनसंख्या की समस्या से अनजान हैं।ऐसे में विश्व जनसंख्या दिवस गंभीर जनसंख्या संबंधित समस्याओं के बारे में लोगों को परिचित कराने का एक अवसर हैं।

