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भगवान श्री गणेश की प्रतिमा की ढोल ताशा के साथ किया गया स्थापना

घरों में सोशल डिस्टेंसिंग का रखा ख्याल

प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )। आज भाद्रपद शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि पर्व है। आज शनिवार को प्रथमपूज्य श्रीगणेश के पूजन का उत्सव आरंभ हो रहा है। ढोल-नगाड़ों की थाप के बीच ‘गणपति बप्पा मोरया’ के उद्घोष करते हुए भक्त विधि-विधान से गणेश जी की प्रतिमा स्थापित कर रहे हैं। साल भर में पडऩे वाली चतुॢथयों में यह सबसे बड़ी मानी जाती है। गणेश चतुर्थी पर गणपति का पूजन करने से संपन्नता, समृद्धि, सौभाग्य और धन का समावेश होता है।यह 10 दिनों तक गणेश उत्‍सव मनाया जाएगा।
इसमें प्रत्येक दिन प्रातः व संध्या आरती का आयोजन होगा। श्री गणेश को विभिन्न प्रकार के घर पर निर्मित प्रसाद का भोग लगाया जाएगा। इसमें उनका प्रिय भोग मोदक सर्वप्रिय रहेगा साथ ही श्री गणेश को छप्पन भोग का भी भोग लगाया जाएगा। सुबह 11 बजे भगवान श्री गणेश की प्रतिमा की स्थापना की गई पूजन सामग्री में जल जल कलश लाल कपड़ा रोली सुपारी लॉन्ग पंचमेवा नारियल दूब भी कपूर इत्यादि सामग्री का प्रयोग कर पूजन विधि विधान के साथ किया गया। पूजन के उपरांत आरती, मंत्र, भजन आदि से गणपति का स्वागत किया गया। कहा यह जाता है कि आज गणेश चतुर्थी के शुभ मुहूर्त में भगवान श्री गणेश जी के 108 नामों के जप से सभी प्रकार की बाधाएं को दूर किया जा सकता है 31 अगस्त दिन सोमवार को अनंत चतुर्दशी के दिन भगवान श्री गणेश जी के मूर्ति का विसर्जन किया जाएगा।

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